बढ़ती पाबंदियां देख लोगों ने शुरू की पैनिक बाइंग, हफ्तेभर में लोगों ने 15 प्रतिशत से ज्यादा की ऑनलाइन खरीददारी

कोरोनी की तीसरी लहर के आते ही दैनिक उपयोग के जरूरी सामान की बिक्री में भारी उछाल, N95 मास्क और सेनेटाइजर की ब्रिकी 5 प्रतिशत बढ़ी, ब्रेवरेज और पैक्ड फूड की बिक्री हुई दोगुनी

Updated: Jan 06, 2022, 01:05 PM IST

बढ़ती पाबंदियां देख लोगों ने शुरू की पैनिक बाइंग, हफ्तेभर में लोगों ने 15 प्रतिशत से ज्यादा की ऑनलाइन खरीददारी
Photo Courtesy: Seal The Season

भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते 24 घंटे में देशभर में 90 हजार से ज्यादा नए कोविड संक्रमितो की पुष्टि हुई है। रोजाना दोगुनी रफ्तार से मरीज बढ़ रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर में ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की संख्या 2,630 तक पहुंच गई हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में तीसरी लहर के मद्देनजर नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। दिल्ली में वीकएंड कर्फ्यू लगाने की घोषणा भी कर दी गई है। बढ़ते मरीजों और पाबंदियों की वजह से लोगों को लगने लगा है कि कहीं सरकार लॉकडाउन का ऐलान ना कर दे। इसलिए लोग पैनिक बाइंग करने लगे हैं। लोगों ने घरों में सामान स्टॉक करना शुरू कर दिया है।

लोग ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन खरीदारी को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। पैनिक बाइंग की वजह से लोग जरूरत से ज्यादा सामान खरीद रहे हैं। स्टोर शेल्फ और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मस पर रोजमर्रा के उपयोग का सामान गायब होने लगा है। खबरों की मानें तो दैनिक उपयोग में काम आने वाले सामान की ऑनलाइन बिक्री करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। कोरोना की तीसरी लहर की वजह से सप्ताह भर में डिब्बाबंद फूड आइट्म्स और हाइजीन प्रोडक्ट की दोगुनी से ज्यादा बिके हैं। वहीं N-95 मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री 5 गुना से ज्यादा हो गई है।

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बीते एक हफ्ते में ऑनलाइन शापिंग में 10 -15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लोग ज्यादातर साबुन, शैंपू, साफ-सफाई का सामान, राशन, तेल, शक्कर नमक, चॉकलेट और ब्रेवरेज प्रोडक्ट्स ज्यादा खरीद रहे हैं। वहीं ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनियों ने पिछली दो लहरों से सबक लेते हुए बढ़ती मांग पूरी करने के लिए पहले से ही तैयारी कर ली है। कंपनियों को उम्मीद है कि वे अचानक बढ़ी डिमांड की भरपाई आसानी से कर पाएंगी।

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इनदिनों लोग बाजार की तरफ कम रुख कर रहे हैं। कई राज्यों में बाजारों में सख्ती की गई है। बाजारों का समय कम किया गया है। जिसकी वजह से लोगों को ऑनलाइन शापिंग का ऑप्शन ज्यादा पसंद आ रहा है।