शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई पर लगा तिरपाल चोरी का आरोप, टीएमसी ने दर्ज कराया मुकदमा

शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदू अधिकारी पर नगर पालिका से राहत सामग्री चोरी करने का आरोप, अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी पर सरकार फंड का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं

Updated: Jun 06, 2021, 02:01 PM IST

शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई पर लगा तिरपाल चोरी का आरोप, टीएमसी ने दर्ज कराया मुकदमा
Photo Courtesy: Organiser.org

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी का दामन थामने वाले शुभेंदु अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी पर चोरी के आरोप लगे हैं। अधिकारी और उनके भाई पर आरोप है कि उन्होंने नगर पालिका से राहत सामग्री की चोरी की है। टीएमसी ने दोनों अधिकारी बंधु पर यह आरोप लगाए हैं। 

अधिकारी बंधुओं के खिलाफ यह शिकायत पूर्वी मिदनापुर के कोंटाई थाने में दर्ज की गई है। कोंटाई मुनिसिपैलिटी के एडमिनिस्ट्रेशन बोर्ड के सदस्य रत्नदीप मन्ना ने आरोप लगाया है कि बीते 29 मई को दो लोग मुनिसिपैलिटी के गोदाम से तिरपाल से भरा हुआ एक ट्रक चोरी कर ले गए। जिसमें अधिकारी बंधुओं का हाथ है। अधिकारी बंधुओं के इशारे पर ही तिरपाल से भरा हुआ ट्रक चोरी किया गया है।

अधिकारी बंधुओं पर लगे इस आरोप के बाद शुभेंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शुभेंदु अधिकारी के अलावा उनके पिता शिशिर अधिकारी पर भी सरकारी फंड के दुरुपयोग का आरोप लगा है। शिशिर अधिकारी पर यह आरोप कहा है कि पूर्वी मेदिनीपुर में तटबंधों के निर्माण हेतु जारी सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया। इस दौरान शिशिर अधिकारी ही दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे। 

शुभेंदु अधिकारी और शिशिर अधिकारी कभी तृणमूल कांग्रेस का अहम हिस्सा थे। लेकिन विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो गए। शुभेंदु के बीजेपी में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद उनके पिता ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया। बंगाल विधानसभा चुनावों में शुभेंदु अधिकारी ने अपनी परंपरागत सीट नंदीग्राम से पर्चा भरा।

शुभेंदु को उनके गढ़ में चुनौती देने के लिए खुद ममता नंदीग्राम से चुनावी मैदान में कूद गईं। हालांकि चुनावी नतीजे में शुभेंदु अधिकारी ने बाजी मार ली। जिसके बाद नंदीग्राम से ममता को हराने के इनाम स्वरूप बीजेपी ने शुभेंदु को नेता प्रतिपक्ष बना दिया।