आज से सड़क पर दिन रात चलेगी कांग्रेस, भारत जोड़ने की मुहिम में लगे नेता और कार्यकर्ता

यात्रा में सबसे आगे भारत जोड़ो यात्रा का झंडा थामे सेवा दल के 10 कार्यकर्ता होंगे, उनके पीछे तीन लोगों के साथ राहुल गांधी चलेंगे, राहुल के पीछे सीडब्ल्यूसी के मेंबर्स और उसके बाद भारत यात्री होंगे, इसी स्वरूप के साथ यह ऐतिहासिक यात्रा निकलेगी

Updated: Sep 07, 2022, 08:08 AM IST

आज से सड़क पर दिन रात चलेगी कांग्रेस, भारत जोड़ने की मुहिम में लगे नेता और कार्यकर्ता

कन्याकुमारी। कांग्रेस पार्टी आज से भारत जोड़ो पदयात्रा की शुरुआत करने जा रही है। 150 दिनों तक चलने वाली यह यह ऐतिहासिक यात्रा कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर में समाप्त होगी। इस दौरान 3,500 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया जाएगा। यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। पार्टी के सभी नेता भारत को एक सूत्र में जोड़ने की मुहिम में जुट गए हैं। कल इस यात्रा की शुरुआत के पहले राहुल गांधी कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

जानकारी के मुताबिक यात्रा के शुभारंभ से पहले राहुल गांधी बुधवार को श्रीपेरंबदूर में देश के पूर्व प्रधानमंत्री व अपने पिता राजीव गांधी के समाधि स्थल पर आयोजित प्रार्थना सभा में हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी के लिए ये काफी भावुक क्षण होगा। इसके बाद वे कन्याकुमारी पहुंचेंगे। यहां वह विवेकानंद मेमोरियल, तिरुवल्लुवर स्टैच्यू और कामराज मेमोरियल जाएंगे। तिरुवल्लुवर एक मशहूर कवि थे जिन्होंने 7 शब्दों से 1330 कविताओं की रचना की थी।

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 गांधी मंडपम

इसके बाद वे गांधी मंडपम में आयोजित भजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां सिविल सोसईटी के लोग उन्हें सीड बैंड (बीज के बैंड) बांधेंगे। सिविल सोसाइटी के लोगों को संविधान की कॉपी और किट दिया जाएगा। यहां तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे। तीनों मुख्यमंत्री राहुल गांधी को खादी का तिरंगा भेंट देंगे। यहां से राहुल गांधी पैदल रैली स्थल के लिए जाएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा स्थल

अगले दिन यानी गुरुवार सुबह से यात्रा कश्मीर के लिए निकलेगी। इस यात्रा में कांग्रेस की ओर से 119 भारत यात्रियों का चयन किया गया है, जिनमें सिविल सोसाइटी के करीब 6 से 7 लोग शामिल हैं। इसके आलावा 100 अतिथि यात्री होंगे। इनमें सिविल सोसाइटी के 20 लोग शामिल हैं। गुरुवार सुबह करीब सात बजे यात्रा विवेकानन्द कॉलेज ग्राउंड से यात्रा शुरू होगी। यात्रा में सबसे आगे भारत जोड़ो यात्रा का झंडा थामे सेवा दल के 10 कार्यकर्ता होंगे। और उनके पीछे राहुल गांधी तीन लोगों के साथ चलेंगे। 

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शुरुआत में ये तीन लोग तमिलनाडु के पीसीसी चीफ केएस अलागिरि, कांग्रेस विधायक दल के नेता सेलवापेरूंथागई और राज्य के प्रभारी महासचिव दिनेश गुंडुराव होगें। राहुल गांधी के साथ चलने वाले ये तीन लोग बदलते रहेंगे। राहुल गांधी के पीछे वर्किंग कमेटी सदस्य होंगे और उनके पीछे भारत यात्री रहेंगे। उनके पीछे अतिथि यात्री चलेंगे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी होंगे और उनके पीछे आम जनता होगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कश्मीर तक इसी क्रम को मेंटेन करने की योजना है। सीडब्लूसी मेंबर्स यात्रा में आते जाते रहेंगे।  तैयारियों का जायजा लेते "भारत जोड़ो यात्रा" आयोजन समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह

कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक चलने वाले भारत यात्रियों और अतिथि यात्रियों को 15 से 20 मिनट के लिए राहुल गांधी के साथ चलने का मौक़ा भी मिलेगा। जानकारी के मुताबिक यात्रियों के रुकने के लिए 230 बेड वाले 50 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। इनमें 14 ट्रक राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों के लिए आरक्षित है। अन्य में आम यात्री रहेंगे।

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यात्रा प्रतिदिन दो पड़ाव में चलेगी। सुबह 7 बजे उठने के साथ यात्री पैदल निकल पड़ेंगे। करीब साढ़े तीन घंटे चलने के बाद वे साढ़े 10 बजे तय स्थल पर रुकेंगे। यहां वे कैंप में नहा धोकर नाश्ता अथवा खाना खाएंगे और कुछ देर विश्राम करेंगे। राहुल गांधी दोपहर दो बजे से साढ़े तीन तक लोगों से मुलाकात करेंगे। वे एक घंटा पार्टी कार्यकर्ताओं को देंगे और आधा घंटा सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलेंगे। कांग्रेसमय हुई कन्याकुमारी

इसके बाद साढ़े तीन बजे यात्रा शुरू होगी जो साढ़े 6 बजे तक चलेगी। प्रतिदिन औसतन 22 किलोमीटर चलने की तैयारी है। रात में कैंपों में ही खाना बनाया जाएगा और राहुल समेत अन्य यात्री ट्रक में रात्रि विश्राम करेंगे। राहुल गांधी सिविल सोसायटी के उन नामचीन लोगों से भी मिलेंगे जिन्होंने समय समय पर कोई आंदोलन या किसी मुद्दे को लेकर लड़ाई लड़ी हो। आजाद भारत के इतिहास में इस तरह की पहली यात्रा होगी जिसका मकसद देशवासियों के बीच एकता और बंधुत्व बढ़ाना हो।