ममता ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने के लिए विपक्षी नेताओं को लिखी चिट्ठी, सोनिया गांधी समेत 15 नेताओं को लिखा पत्र

ममता ने विपक्षी नेताओं को लिखे पत्र में हाल ही में पारित हुए NCT अधिनियम का ज़िक्र किया है, ममता ने कहा है कि दिल्ली के एलजी को केंद्र सरकार ने अघोषित वाइसरॉय बना दिया है

Updated: Mar 31, 2021, 05:15 PM IST

ममता ने बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने के लिए विपक्षी नेताओं को लिखी चिट्ठी, सोनिया गांधी समेत 15 नेताओं को लिखा पत्र
Photo Courtesy : New Indian Express

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने देश भर के विपक्षी नेताओं को चिट्ठी लिखी है। ममता ने अपने पत्र में बीजेपी के खिलाफ विपक्षी नेताओं को एकजुट होने की अपील की है। ममता ने सोनिया गांधी समेत कुल 15 नेताओं को पत्र लिखा है। जिसमें सोनिया गांधी के अलावा एनसीपी प्रमुख शरद पवार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक शामिल हैं।  ममता ने अपने पत्र में ख़ास तौर पर हाल ही में संसद में पारित हुए NCT अधिनियम का ज़िक्र किया है। 

ममता ने विपक्षी नेताओं को पत्र लिख कर कहा है कि मैं बीजेपी शासित केंद्र सरकार द्वारा लगातार देश के लोकतंत्र और संविधानिक ढांचे पर किए जा रहे आक्रमण पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए आप सभी नेताओं को पत्र लिख रही हूँ। ममता ने कहा है कि अब बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने का समय आ गया है। 

विपक्षी नेताओं को लिखे अपने पत्र में ममता बनर्जी ने हाल ही में संसद में हुए पारित हुए NCT अधिनियम का ज़िक्र किया। ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं से कहा कि आप सभी इस बात से भली भांति परिचित हैं कि इस तरह से बीजेपी ने दिल्ली की जनता द्वारा चुनी हुई एक सरकार से उसकी सारी शक्तियां छीन ली। ममता ने कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली के एलजी को एक अघोषित वाइसरॉय बना दिया है। जो कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर काम कर रही हैं। ममता ने कहा कि जिस तरह से बीजेपी को बार बार ममता बनर्जी के हाथों पटखनी खानी पड़ी है। उस वजह से बीजेपी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से सभी शक्तियां छीन कर एलजी के हाथों सौंपने का निर्णय लिया है। 

ममता ने विपक्षी नेताओं से सभी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्यों के गवर्नर भी केंद्र सरकार के अधीन काम कर रहे हैं। ममता ने कहा है कि गैर बीजेपी सरकारों के प्रति केन्द्र द्वारा नियुक्त किए गए राज्यपालों का रवैया पक्षपातपूर्ण ही रहा है। ममता ने तमाम विपक्षी नेताओं से एकजुट होने की अपील की है। ममता ने कहा कि मैं तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष होने के नाते बीजेपी द्वारा किए जा रहे संविधान पर प्रहार के खिलाफ पूरी दृढ़ता के साथ काम करुँगी। ममता ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ इस लड़ाई को हम एकजुट होने की ज़रूरत है। ताकि हम देश वासियों को एक बेहतर विकल्प दे सकें।