Independence Day: रिपब्लिक डे बोलने पर ट्रॉल हुए नीति आयोग के सीईओ

Amitabh Kant: स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में फर्क नहीं पता और जिम्मेदारी मिली है पूरे देश की नीति बनाने की

Updated: Aug-15, 2020, 08:25 PM IST

Independence Day: रिपब्लिक डे बोलने पर ट्रॉल हुए नीति आयोग के सीईओ
courtsey : TheEconomicTimes

नई दिल्ली। देशभर में आज हर्षोल्लास के स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। भारत के 74 वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी लोग एकदूसरे को बधाई व शुभकामनाएं दे रहे हैं। इसी बीच नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने स्वतंत्रता दिवस को गणतंत्र दिवस बता दिया जिसके बाद लोग उन्हें ट्रॉल कर रहे हैं। अमिताभ ने आज सुबह 9 बजकर पांच मिनट पर एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के संबोधन को गणतंत्र दिवस का संबोधन बताया। उनके इस ट्वीट पर सवाल खड़ा करते हुए लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में फर्क नहीं पता और जिम्मेदारी मिली है पूरे देश की नीति बनाने की।

अमिताभ कांत ने अपने ट्वीट में लिखा, 'पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा रिपब्लिक डे पर की गई संबोधन की सबसे बड़ी घोषणा, अगले 1000 दिनों में सभी 6 लाख भारतीय गांवों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के बारे में है। यह एक डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करेगा। यह भारत को तकनीकी रूप से लीक से हटकर नागरिकों के जीवन को बदलने में सक्षम बनाएगा।' हालांकि कुछ देर बाद ही उन्होंने इसे डिलीट कर दूसरा ट्वीट किया जिसमें उन्होंने अपनी गलती सुधारी।

अमिताभ के इस ट्वीट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्वीटर यूजर चेतन शर्मा ने लिखा है कि जो आदमी Independence Day और Republic Day में फर्क नही जानता उसकी सलाह मान कर सरकार देश को बेचने निकल पड़ी है। कुनीति आयोग जैसी अयोग्य संस्था को ऐसा अयोग्य CEO ही सूट करता है।' 

वहीं एक अन्य यूजर @tiranga_sena ने अमिताभ को नीति आयोग से बाहर निकालने की मांग की है। उन्होंने लिखा, 'यह बेवकूफ गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के बीच अंतर नहीं जानता है, और सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि यह बेवकूफ व्यक्ति नीति आयोग का सीईओ है। आप उससे क्या उम्मीद करते हैं कि वह हमारे देश के लिए NITI तैयार करे। उसे लात मारकर सीधे बाहर निकालनी चाहिए।'

वहीं मशहूर फिल्ममेकर हरिनी कैलामुर ने लिखा है कि क्या आपको अबतक किसी ने गणतंत्र दिवस विश किया। फैक्ट चेकर वेबसाइट अल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने भी इस ट्वीट के स्क्रीनशॉट को साझा किया है। 

एक ट्वीटर यूजर बृजेन्द्र कनौजिया ने कहा है कि ये सरकार का वो थिंक टैंक है, जिसके दिमाग में सिर्फ कीचङ भरा है, वही वाला जिसमें कमल खिलता है। बहरहाल अमिताभ को जल्द ही अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत ही अपनी ट्वीट डिलीट कर दुबारा ट्वीट किया।