पीएम के पंजाब दौरे का हुआ पुरज़ोर विरोध, खाली कुर्सियों के साथ ट्विटर पर ट्रेंड हुआ गोबैक मोदी

प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब दौरा भले ही सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रद्द हो गया, लेकिन पूरे पंजाब में प्रधानमंत्री के इस दौरे का पहले से ही विरोध किया जा रहा था, फिरोज़पुर में जिस जगह पर प्रधानमंत्री मोदी अपने चुनावी अभियान की शुरुआत करने आने वाले थे, वहाँ पर अधिकतर कुर्सियां पहले से ही खाली पड़ी हुई थीं

Updated: Jan 05, 2022, 05:23 PM IST

पीएम के पंजाब दौरे का हुआ पुरज़ोर विरोध, खाली कुर्सियों के साथ ट्विटर पर ट्रेंड हुआ गोबैक मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब दौरा सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रद्द कर दिया गया। तो वहीं दूसरी तरफ पीएम के इस दौरे के पहले से ही प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब में पुरज़ोर विरोध हो रहा था। प्रधानमंत्री के पंजाब आगमन के दौरान ट्विटर पर गोबैक मोदी भी ट्रेंड करने लगा। इतना ही नहीं जिस फिरोज़पुर में जिस जगह से प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी के चुनावी अभियान का आगाज़ करने वाले थे, वहाँ पर अधिकतर कुर्सियां खाली पड़ी हुई थीं।  

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम स्थल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिनमें साफ देखा जा सकता है कि अधिकतर कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। भीड़ के नाम पर महज़ कुछ चुनिंदा लोग ही कार्यक्रम स्थल पर नज़र आ रहे हैं।  

दूसरी तरफ ट्विटर पर गोबैक मोदी भी लगातार ट्रेंड कर रहा है। ट्विटर पर लोग गोबैक मोदी के हैशटेग के साथ प्रधानमंत्री द्वारा शहीद किसानों को लेकर दिये गये कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को लेकर अपना आक्रोश भी ज़ाहिर कर रहे हैं। एक यूज़र ने प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा रद्द होने पर लिखा कि पंजाब ने एक बार फिर मोदी को हरा दिया है। लोगों के भारी विरोध को देखते हुए प्रधानमंत्री को अपना दौरा रद्द करना पड़ा। वहीं एक अन्य यूज़र ने गोबैक मोदी के बैनर के साथ खड़े लोगों की तस्वीर साझा करते हुए कहा है कि हाँ सात सौ किसानों की मौत के ज़िम्मेदार आप ही हैं। गोबैक मोदी।  

दरअसल हाल ही में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यह खुलासा किया था कि जिस समय किसान आंदोलन चल रहा था और एक एक कर किसान शहीद हो रहे थे। उस दौरान जब एक दिन वे प्रधानमंत्री मोदी से कानूनों को वापस लेने की मांग करने गये थे। उस समय प्रधानमंत्री घमण्ड में चूर थे। मलिक ने बताया कि जब उन्होंने प्रधानमंत्री से आंदोलन के दौरान मारे गये किसानों का ज़िक्र किया तब प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर अपने घमण्ड दिखाते हुए कहा था कि क्या ये मेरे लिये मरे हैं? कृषि कानूनों को लेकर पहले से ही पंजाब की जनता केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से आक्रोशित थी। सत्यपाल मलिक के इस खुलासे ने पंजाब की जनता का आक्रोश और भी बढ़ा दिया। यही वजह रही कि कानून रद्द किये जाने के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी पहली बार पंजाब गये तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा।  

कृषि कानूनों को रद्द किये जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी आज पहली बार पंजाब दौरे पर गये थे। प्रधानमंत्री मोदी आज पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र बीजेपी के चुनावी अभियान की शुरुआत करने वाले थे। लेकिन रैली की शुरुआत से पहले ही यह खबर आयी की खराब मौसम के चलते प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब दौरा रद्द कर दिया है। लेकिन अचानक ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरु हो गया।

गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी की रैली रद्द होने का कारण सुरक्षा में हुई चूक को गिनाया। गृह मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि कार्यक्रम स्थल से तीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक फ्लाईओवर पर उनका एक काफिला फंस गया।प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता बंद किये जाने के कारण प्रधानमंत्री का काफिला कथित तौर पर बीस मिनट तक फंसा रहा। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने दिल्ली वापस लौटने का फैसला किया। गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का दावा करते हुए इसका सारा ठीकरा पंजाब सरकार पर फोड़ा। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खुद प्रधानमंत्री मोदी जब बठिंडा एयरपोर्ट पर पहुंचे तब उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि अपने सीएम का धन्यवाद कहना। मैं ज़िंदा वापस लौट पाया।