सांसदों के निलंबन के विरोध में राहुल गांधी का प्रदर्शन, ओम बिरला ने स्थगित की लोकसभा की कार्यवाही

राज्यसभा से बारह सांसदों को निलंबित किए जाने के विरोध में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया, इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया सुले, रामगोपाल यादव समेत कई विपक्षी नेता मौजूद रहे

Updated: Dec 01, 2021, 04:01 PM IST

सांसदों के निलंबन के विरोध में राहुल गांधी का प्रदर्शन, ओम बिरला ने स्थगित की लोकसभा की कार्यवाही

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी सांसदों के निलंबन का विरोध जारी है। राहुल गांधी की अगुवाई में संसद परिसर के भीतर विपक्षी दलों के सांसदों ने निलंबन के फैसले का जमकर विरोध किया। विपक्षी सांसदों ने सभी बारह सांसदों का निलंबन वापस किए जाने की मांग की। वहीं लोकसभा में हंगामे के बीच ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। 

बुधवार को संसद परिसर में राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों के नेता गांधी प्रतिमा के सामने एकत्रित हो गए। तमाम नेताओं ने एक स्वर में निलंबन रद्द करने की मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन की तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए साफ संकेत दिए कि वे मोदी सरकार की तानशाही के खिलाफ झुकने वाले नहीं हैं। 

राहुल गांधी ने कहा कि हम गांधीवादी लोग तानाशाही के खिलाफ खड़े हैं। और हम झुकेंगे नहीं। राहुल गांधी की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, डीएमके के टीआर बालू, सपा के रामगोपाल यादव सहित अन्य नेता शामिल रहे। 

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वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला अचानक अपनी कुर्सी से उठ गए। ओम बिरला ने विपक्षी दलों के सांसदों से कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देना चाहती है, लेकिन आप जवाब सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। आप सदन के बाहर चर्चा करते हैं, लेकिन सदन के अंदर नहीं करते। 

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सोमवार को राज्यसभा के शीतकालीन सत्र से कुल बारह सांसदों को बिना सूचित किए ही निलंबित कर दिया गया था।इन्हें मॉनसून सत्र के दौरान अनुशासनहीनता का हवाला देकर निलंबित कर दिया था। निलंबित किए गए सांसदों में सबसे अधिक 6 सांसद कांग्रेस पार्टी के थे। वहीं शिवसेना और टीएमसी के दो दो और सीपीआई और सीपीएम के एक एक सांसद को निलंबित किया गया है। इस फैसले का विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने सांसदों के इस निलंबन को अलोकतांत्रिक करार दिया है।