चीन ने नई दिल्ली के आकार के बराबर की भारतीय जमीन पर कर रखा है कब्जा: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि देश के लोगों के बीच नफरत फैला रही है, जिसके परिणामस्वरूप विदेशी ताकतों ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है।

Updated: Sep 21, 2022, 01:13 PM IST

चीन ने नई दिल्ली के आकार के बराबर की भारतीय जमीन पर कर रखा है कब्जा: राहुल गांधी

कोच्चि। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी नफरत के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं। इस दौरान वह केंद्र सरकार पर हमलावर भी नजर आ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने मंगलवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह देश के लोगों के बीच नफरत फैला रही है, जिसके परिणामस्वरूप विदेशी ताकतों ने भारतीय जमीन पर कब्जा कर लिया है।

एर्नाकुलम जिले की सीमा पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि नफरत फैलाने और समाज में विभाजन पैदा करने वालों को भुला दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में पैदा हुए विभाजन ने देश को कमजोर कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप चीन ने नयी दिल्ली के आकार के बराबर के भारतीय भूमि पर कब्जा कर लिया है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि, 'बाहर हमारे विरोधी देख सकते हैं कि भारत में क्या हो रहा है। वे देख सकते हैं कि भारत विभाजित है, घृणा से भरा हुआ है और वे स्पष्ट रूप से नेतृत्व के अहंकार को देख सकते हैं। आज हम पहली बार ऐसी स्थिति में हैं, जहां चीनियों ने हमारी हजारों किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर लिया है। सेना ने स्वीकार किया है कि चीनी सैनिकों ने भारतीय भूमि पर कब्जा कर लिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से इससे इनकार किया है। 

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गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि कोई घुसपैठ नहीं हुई है। हमारी सेना ने कहा है कि वे घुसपैठ कर चुके हैं, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने इससे इनकार कर दिया। इस देश में फैले क्रोध, घृणा और अहंकार के परिणामस्वरूप बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने समेत कई परेशानियां पैदा हुई हैं।'

उन्होंने आगे कहा कि, 'क्या श्री नारायण गुरु, चट्टंबी स्वामीकाल और महात्मा अय्यंकाली सहित हमारे समाज सुधारक इस तरह की हिंसा को स्वीकार करते, जो इन दिनों हमारे देश में हो रही है? आज देश का नेतृत्व करने वालों के भाषण नफरत और गुस्से से भरे हुए हैं और आपको एक भी भाषण ऐसा नहीं मिलेगा जिसमें वे स्नेह, प्रेम या विनम्रता का उपदेश दें।'