केंद्रीय मंत्री आठवले का दावा, इस बार ज़्यादा विधायकों के साथ बग़ावत करेंगे सचिन पायलट, गिरेगी गहलोत सरकार

केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया है कि कांग्रेस में सचिन पायलट के साथ अन्याय हो रहा है, इसलिए वे इस बार पहले से ज़्यादा विधायकों के साथ बग़ावत कर सकते हैं

Updated: Dec 21, 2020, 01:36 AM IST

केंद्रीय मंत्री आठवले का दावा, इस बार ज़्यादा विधायकों के साथ बग़ावत करेंगे सचिन पायलट, गिरेगी गहलोत सरकार
Photo Courtesy: Maharashtra Times

नई दिल्ली। मोदी सरकार के मंत्री रामदास आठवले ने चौंकाने वाला दावा किया है। आठवले का कहना है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार किसी भी दिन गिर सकती है, क्योंकि प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिव पायलट इस बार पहले से ज़्यादा विधायकों के साथ बग़ावत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सचिन के साथ कांग्रेस में अन्याय हो रहा है। 

आठवले का कहना है कि कांग्रेस की राज्य सरकार को गिराने काम पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ही करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सचिन पायलट किसी दिन औऱ ज़्यादा विधायकों के साथ सामने आ जाएंगे और राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार गिर जाएगी। आठवले ने कहा कि हमें राजस्थान में सरकार गिराने की आवश्यकता नहीं है। 

रामदास आठवले के दावे का हकीकत में बदलना भले ही निकट भविष्य में मुश्किल नज़र आ रहा हो, लेकिन उनके इस दावे का आधार है राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के आपसी रिश्तों का तनाव अब तक जारी रहने की अटकलें। हाल ही में गहलोत सरकार ने अपने दो साल पूरे किए हैं। लिहाज़ा राज्य में कांग्रेस गहलोत सरकार की उपलब्धियां गिनाने का कार्य कर रही है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता महेश जोशी और खेल मंत्री अशोक चांदना सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक पहुंचे थे। लेकिन इस कार्यक्रम में न तो सचिन पायलट शरीक हुए और न ही टोंक क्षेत्र के दो अन्य विधायक प्रशांत बैरवा और हरीश चन्द्र मीणा ही शामिल हुए। 

चर्चा यह भी है कि सचिन पायलट कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से एक बार फिर नाराज़ हो गए हैं। दरअसल जब राज्य की कांग्रेस सरकार खतरे में पड़ी, उसके बाद सचिन पायलट से उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के पद छिन गए। कहा जाता है कि इसके एवज में सचिन पायलट को कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व में अहम जिम्मेदारी देने की बात हुई थी। लेकिन सचिन पायलट को न तो अब तक केन्द्रीय नेतृत्व में कोई पद सौंपा गया है और न ही गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है, जिससे पायलट अपने लोगों की राजनीतिक नियुक्तियां करा सकें।

चर्चा है कि इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट से बातचीत की है। इस बीच खबर यह भी है कि अजय माकन अगले महीने ही राजस्थान के दौरे पर जा सकते हैं। जिस दौरान गहलोत मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।