श्मशान में कोरोना के शवों का अंतिम संस्कार करने से गांव के लोगों ने रोका, बीच जंगल में करनी पड़ी अंत्येष्टि

उत्तराखंड के अल्मोड़ा का मामला, श्मशान में मृतकों के परिजनों को नहीं करने दे रहे अंत्येष्टि

Updated: May 20, 2021, 02:17 PM IST

श्मशान में कोरोना के शवों का अंतिम संस्कार करने से गांव के लोगों ने रोका, बीच जंगल में करनी पड़ी अंत्येष्टि
Photo Courtesy: Aaj Tak

देहरादून। कोरोना महामारी ने मानवों पर कहर बरपा रखा है। महामारी की इस जंग में कई जगह लोग इंसानियत धर्म का पालन कर मिसाल पेश कर रहे हैं, तो कहीं कहीं मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में भी कुछ ऐसी ही परिस्थिति बन गई है, जहां लोग मृतकों के परिजनों को श्मशान में अंत्येष्टि करने से रोका जा रहा है। नतीजन परिजन बीच जंगल में कोरोना शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। 

अल्मोड़ा में इस समय चारों और कोरोना का भय व्याप्त है। बीते एक हफ्ते में यहां 40 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बदतर हैं कि ग्रामीणों ने कोरोना शवों के दाह संस्कार पर रोक लगा दी है। श्मशान में कोरोना के शवों का अंतिम संस्कार करने से रोका जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप परिजन बीच जंगल में अपने सगे संबंधियों को अंतिम विदाई देने पर मजबूर हैं। प्रशासन की तरफ से भी कोई मदद नहीं पहुंचाई जा रही है। 

उत्तराखंड में कोरोना से हालात बेकाबू हो चले हैं। इस समय उत्तराखंड में मृत्यु दर भी 1.73 फीसदी के पास पहुंच गया है। हालांकि राज्य इस माहामारी से कैसे निपटेगा, इस पर भी बड़ा सवालिया निशान है। क्योंकि इस समय उत्तराखंड में 1 लाख 20 हज़ार लोगों पर मात्र एक कोविड अस्पताल है।