नाज़ुक दौर में विनोद दुआ की सेहत, वरिष्ठ पत्रकार की बेटी ने की भावुक अपील

कोविड की दूसरी लहर में पत्नी को खोने के बाद से बीमार चल रहे विनोद दुआ को आईसीयू में भर्ती कराया गया है, दिल्ली के परमानंद अस्पताल में चल रहा है इलाज

Updated: Nov 30, 2021, 11:12 AM IST

नाज़ुक दौर में विनोद दुआ की सेहत, वरिष्ठ पत्रकार की बेटी ने की भावुक अपील

नई दिल्ली। हिन्दी के वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ लंबी बीमारी से लड़ते हुए अस्पताल में बीमारी से लड़ रहे हैं। उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि "हम उन्हें खो रहे हैं। लेकिन जैसे पूरी जिन्दगी उन्होंने अपनी शर्तों पर जिया, उनका इलाज भी उनकी शर्तों के हिसाब से ही चल रहा है.." मल्लिका ने लिखा है कि " हम उनकी भावनाओं की कद्र करते हुए उनके आक्रामक उपचार पर नहीं जा रहे हैं। पापा की यही इच्छा है। लेकिन इन क्षणों में उनकी तकलीफ और पीड़ा कम हो इसलिए उनके सभी शुभचिंतकों से अपील करते हैं कि वो दुआ करें।"

मल्लिका दुआ के द्वारा लिखी गयी सुबह की सोशल मीडिया पोस्ट को पढ़ने के बाद दिन में विनोद दुआ के निधन की अफवाह तेज़ी से फैली। लेकिन उसका खंडन करते हुए परिवार ने सभी लोगों से अपील की है कि अभी वो परमानंद अस्पताल में भर्ती हैं और अगर कोई उनसे मिलना चाहता है या देखना चाहता है तो अस्पताल आ सकता है। 

इस साल कोरोना की दूसरी लहर में विनोद दुआ और उनकी पत्नी चिन्ना वायरस के चपेट में आ गए थे। इस दौरान दोनों की तबीयत बेहद खराब हो गई थी। जून के महीने में विनोद दुआ की पत्नी चिन्ना दुआ पोस्ट कोविड कंप्लिकेशन्स से हार गईं। पत्नी की मौत के बाद विनोद दुआ भी बीमार रहने लगे थे और अब ज्यादा तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने इस बारे में जानकारी देते हुए लिखा था कि, ‘मेरे पिता ICU में भर्ती हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक है। उनका स्वास्थ्य अप्रैल से तेजी से बिगड़ रहा था। वह मां की मौत के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। वह किसी तकलीफ के हकदार नहीं हैं। मैं आप सबसे यह प्रार्थना करने का अनुरोध करती हूं कि उन्हें कम से कम तकलीफ हो।'

67 वर्षीय विनोद दुआ को पत्रकारिता जगत के चमकते सितारे के रूप में देखा जाता है। दशकों के अपने पत्रकारिता करियर में विनोद दुआ ने कई मीडिया घरानों में काम किया। उनकी उत्कृष्ट पत्रकारिता की वजह से देश में उनके लाखों प्रशंसक इस समय भी उनके लिए दुआ कर रहे हैं। उन्होंने दूरदर्शन, एनडीटीवी और स्वराज एक्सप्रेस जैसे संस्थानों में कई जिम्मेदारियां संभाली और अपने कार्यक्रम के जरिए संस्थानों को एक मुकाम दिलाया। सन 1996 में उन्हें भारतीय पत्रकारिता का सर्वश्रेष्ठ सम्मान रामनाथ गोयनका पुरस्कार से नवाज़ा गया था। भारत सरकार  साल 2008 में उन्हें पद्मश्री से विभूषित कर चुकी है।