पंजाब में अपने लोगों के कारण हारे, गोवा में सेक्युलर पार्टियों ने हमारे वोट खराब किए: मल्लिकार्जुन खड़गे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पंजाब में हार का ठीकरा स्थानीय कांग्रेस नेताओं पर फोड़ा है, जबकि गोवा में हार के लिए अन्य सेक्युलर दलों को जिम्मेदार बताया है

Updated: Mar 27, 2022, 01:04 PM IST

पंजाब में अपने लोगों के कारण हारे, गोवा में सेक्युलर पार्टियों ने हमारे वोट खराब किए: मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार का ठीकरा अपने ही नेताओं और सेक्युलर पार्टियों पर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अपने ही नेताओं ने पंजाब में परेशानियां खड़ी की। उन्होंने बीजेपी पर भी कांग्रेस के खिलाफ बदला की भावना से काम करने का आरोप लगाया। 

अंग्रेजी अखबार डेक्कन हेराल्ड के साथ बातचीत में खड़गे ने कहा कि हम भले ही चुनाव हार गए हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपना आधार खो चुके हैं। पंजाब में हार को लेकर उन्होंने कहा कि हमारे अपनों ने ही हमारे लिए परेशानियां खड़ी की। वहीं, गोवा की हार का जिम्मेदार उन्होंने अन्य दलों को बताया। खड़गे ने कहा कि राज्य में तथाकथित सेक्युलर पार्टियों ने हमारे वोट खराब किए।

यह भी पढ़ें: मैं ना भाजपा-संघ से डरा हूं, ना कभी डरूंगा, सजा के ऐलान के बाद बोले दिग्विजय सिंह

कांग्रेस नेता ने कहा कि, 'लोग हमें जिम्मेदार मानते हैं और पूछते हैं कि हम क्यों दूसरे दलों को अपने साथ नहीं लाते। ये दल असल में कर क्या रहे हैं। जब हम उन्हें मौका देते हैं, तो वे हमारी जगह ले लेते हैं। बीजेपी को कमजोर करने के बजाए, वे असल में हमारे वोट ही खा रहे हैं। वे नई जगह नहीं बना रहे हैं। वे उन राज्यों में जाते हैं, जहां कांग्रेस मजबूत है। ऐसा गोवा औऱ मणिपुर जैसी जगहों पर होता है।'

इस दौरान खड़गे ने बीजेपी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'इस चुनाव में भी, हमारा पूरी तरह सफाया नहीं हुआ है। बीजेपी ने कई जगहों पर कांग्रेस के खिलाफ खास बदले से काम किया है, जहां हम मजबूत थे।' बता दें कि कांग्रेस ने 2022 चुनाव में पंजाब में सत्ता गंवाई और गोवा में भी पार्टी की सरकार में वापसी की संभावनाओं पर पानी फिर गया।

40 सीटों वाले गोवा में बीजेपी ने 20 सीटों पर जीत और निर्दलीय और अन्य पार्टियों के समर्थन से सत्ता में बने रहने में सफलता हासिल की। वहीं, मणिपुर में भाजपा को 60 में से 32 सीटों पर जीत मिली। जबकि, कांग्रेस 5 सीटों पर सिमट गई। पंजाब में कांग्रेस ने 18 सीटों पर जीत के बाद सत्ता गंवा दी थी।