पश्चिम बंगाल में आज TMC मना रही है खेला होबे दिवस, स्पोर्ट्स क्लबों को दिया जाएगा फुटबॉल

पश्चिम बंगाल के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में खेला होबे दिवस के मौके पर कार्यक्रमों का आयोजन, जरूरतमंदों के बीच फुटबॉल वितरण

Updated: Aug 16, 2021, 10:20 AM IST

पश्चिम बंगाल में आज TMC मना रही है खेला होबे दिवस, स्पोर्ट्स क्लबों को दिया जाएगा फुटबॉल
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आज 'खेला होबे' दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर स्पोर्ट्स क्लबों और जरूरतमंदों के बीच फुटबॉल वितरण किया जाएगा। सीएम ममता बनर्जी ने पिछले महीने ही ऐलान किया था कि राज्य सरकार हर साल 16 अगस्त को खेला होबे दिवस मनाएगी। बंगाल के अलावा बिहार, उत्तरप्रदेश, त्रिपुरा समेत अन्य राज्यों में भी इस अवसर पर समारोह आयोजित किए गए हैं।

सीएम ममता बनर्जी ने हाल ही में 'खेला होबे' योजना की भी घोषणा की हैं। इस योजना के तहत, पश्चिम बंगाल खेल और युवा मामलों का मंत्रालय की ओर से विभिन्न खेल क्लबों को एक लाख से अधिक फुटबॉल दिया जाएगा। सीएम ममता ने पिछले महीने 21 जुलाई को टीएमसी की वार्षिक शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए बताया था कि खेला दिवस के अवसर पर जरूरतमंद बच्चों को फुटबॉल दिया जाएगा।

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दरअसल, साल 1980 में एक फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ में कई लोगों की मौत हो गई थी। उन्हीं लोगों की याद में खेला होबे दिवस मनाने का फैसला लिया गया है। उधर बीजेपी ने इस आयोजन को गैरजरूरी करार देते हुए इसका विरोध किया है। इतना ही नहीं पार्टी ने इसके जवाब में शहीद सम्मान यात्रा निकालने का ऐलान किया है। बीजेपी 16 से 18 अगस्त तक देशभर में जन आशीर्वाद यात्रा का आयोजन कर रही है, लेकिन सिर्फ बंगाल में इसका नाम बदलकर शहीद सम्मान यात्रा कर दिया गया है।

बीजेपी के इस आयोजन पर निशाना साधते हुए टीएमसी ने राजनीति करने का आरोप लगाया है। टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने कहा है कि, 'राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं के बीच खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेला दिवस मनाया जाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी नेता इस स्तर तक आ गए हैं कि वे इसका भी राजनीतिकरण कर रहे हैं।' बता दें कि इसी साल हुए विधानसभा चुनावों के दौरान 'खेला होबे' नारे को पहचान मिली, जब टीएमसी ने इसे बीजेपी के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के लिए इस्तेमाल किया था और टीएमसी की शानदार जीत के साथ ममता बनर्जी मुख्यमंत्री निर्वाचित हुईं थीं।