फिर विकास की चोरी करते पकड़े गए सीएम योगी, साउथ इंडिया के बांध का ले लिया क्रेडिट

विकास चोरी मामले में एक बार फिर पिटी सीएम योगी आदित्यनाथ की भद्द, आंध्र प्रदेश और तेलांगना सीमा पर बने श्रीशैलम बांध का लिया क्रेडिट, फैक्ट चेकर्स ने खोलकर रख दी झूठ की पोल

Updated: Nov 24, 2021, 10:35 PM IST

फिर विकास की चोरी करते पकड़े गए सीएम योगी, साउथ इंडिया के बांध का ले लिया क्रेडिट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मिशन मोड में जुटी बीजेपी प्रचार प्रसार और पीआर में जमकर पैसे खर्च कर रही है। इतने कि लगता है कि उसने दूसरी सरकारों के काम भी खरीदना शुरू कर दिया है। वरना एक चोरी पकड़ी जाने के बाद दूसरी चोरी का फरेब न करते। योगी जी ने ये फरेब अपनी ही जनता की आँखों में धूल झोंकने के लिए किया है। अपने मॉडल को सर्वश्रेष्ठ दिखाने के लिए बीजेपी की यूपी सरकार ने दूसरों के काम पर अपना मुहर लगाने और क्रेडिट लूटने का सिलसिला जारी रखते हुए नया कारनामा किया है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में विकास की गंगा बहाते हुए इस बार उनकी सरकार ने तेलंगाना और आंध्र्प्रदेस की सीमा पर बने बांध की तस्वीर चुरा ली है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 19 नवंबर को तीन दिवसीय यात्रा पर उत्तर प्रदेश गए थे। पीएम मोदी के आगमन से पूर्व बीजेपी नेताओं ने धड़ल्ले से एक पोस्टर शेयर करना शुरू किया था। इसमें लिखा था कि बुंदेलखंड को मिली सौगात, भवानी बांध परियोजना, ललितपुर की 3,800 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित। इससे 20 गांव के 8,062 किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा।  

 

पोस्टर में सबसे नीचे लिखा था "सोच ईमानदार, काम दमदार" और पास में सीएम योगी आदित्यनाथ की मंद-मंद मुस्कान के साथ एक तस्वीर लगी हुई थी। दिलचस्प बात ये है कि सोच ईमानदार के साथ बनाई इस पोस्टर में ईमानदारी को बेईमानी ने ढंक लिया था। क्योंकि पोस्टर में जिस बांध को सीएम योगी का बनाया बांध बताया गया वह उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि तेलंगाना के नागरकुरनूल ज़िले और आंध्र प्रदेश के कुरनूल ज़िले के बॉर्डर पर स्थित कृष्णा नदी पर बना है। 

इस बांध का नाम श्रीशैलम बांध है। यह बांध देश की 12 सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। इस बांध का निर्माण साल 1981 में हुआ था, जब केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी और आंध्र प्रदेश में भी सत्ता की बागडोर कांग्रेस के हाथों में थी। जिस वक्त इस बांध का निर्माण हुआ तब योगी की उम्र तकरीबन 9 साल बतायी जा रही है। ऐसे में इस कार्य में उनके योगदान की कोई गुंजाइश भी नहीं है। साल 2014 में डेक्कन क्रोनिकल अखबार ने इसकी तस्वीर छापी थी, जहां से तस्वीर चुराकर भाजपा नेताओं ने योगी सरकार की उपलब्धि बतानी शुरू कर दी है। 

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बता दें कि योगी मॉडल में विकास चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। दो महीने पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार के फ्रंट पेज पर बदलते उत्तरप्रदेश का विज्ञापन छपवाया था। इसमें बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स, फ्लाईओवर और फैक्टरियां दिखाई गई थीं। बताया गया था कि योगी के सीएम बनने के बाद उत्तर प्रदेश में यह विकास हुआ है। हालांकि,  इसमें जिस फ्लाईओवर को दिखाया गया था वह कोलकाता का मां फ्लाईओवर था। इसके अलावा जो फैक्टरियां और इंजीनियर दिखाए गए थे, वह अमेरिकी कंपनी HSE Vision की वेबसाइट से ली गई थी। उस दौरान भी सीएम योगी की जमकर फजीहत हुई थी।