ट्रेन बोगी में लीजिए रेस्टोरेंट का आनंद, मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर Restaurant on Wheels

CST के प्लेटफार्म नंबर 18 में है मुंबई का पहला रेल रेस्टोरेंट, 40 लोगों के बैठने की है व्यवस्था, वेज और नॉनवेज फूड रहेगा उलब्ध

Updated: Oct 19, 2021, 01:22 PM IST

ट्रेन बोगी में लीजिए रेस्टोरेंट का आनंद, मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर Restaurant on Wheels
Photo courtesy: twitter

मुंबई। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर अपने तरह का अनोखा Restaurant on Wheels बनाया गया है। यहां पर एक पुराने रेलवे कोच को रेस्टोरेंट का रूप दिया गया है। यह CST के प्लेटफॉर्म नंबर 18 पर है। इस रेस्टोरेंट को बाकायदा रेल की पटरी पर खड़ा किया गया है। इसकी खासियत है कि यह चलेगा नहीं स्थिर रहेगा। इस रेस्टोरेंट में आने के लिए किसी को किसी तरह के टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। इसे सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिविजन ने अपने इनोवेटिव आइडिया के तहत तैयार किया गया है।

यहां आने वाले कस्टमर्स यहां बैठकर मनपसंद खाने का लुत्फ ले सकते हैं। वहीं यहां पर टेक अवे की सुविधा भी ले सकते हैं। रेस्टोरेंट में आने वालों को लिए रेलवे का टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। इस रेल रेस्टोरेंट में 40 लोगों के बैठने की क्षमता है। इस रेल की बोगी को 40 लाख रुपये में एक साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर दिया गया है। इसमें ट्रेन रेस्टोरेंट में 10 टेबल हैं, जिसे काफी आकर्षक स्टाइल में तैयार किया गया है। इसमें लोकल ट्रेन से जुड़ी फोटोज की थीम के साथ-साथ कई स्टाइलिश फोटोज से सजाया गया है।

इस होटल में वेज और नॉनवेज दोनों तरह के खाना परोसा जाएगा। कोच को टर्मिनस के प्रवेश द्वार पर हेरिटेज गली के साथ रखा गया है। गली में नैरो गेज लोकोमोटिव, देश-प्रथम लोकोमोटिव और एक प्रिंटिंग प्रेस सहित रेल कलाकृतियां हैं। CST के बाद रेलवे लोकमान्य तिलक टर्मिनस LTT, कल्याण और बोरीवली सहित शहर के अन्य स्थानों पर ऐसे और रेस्तरां खोलने की योजना है।

मुंबई में यह अपनी तरह का पहला रेस्टोरेंट हैं। इंदौर और भोपाल में मध्यप्रदेश टूरिज्म के होटल्स को ट्रेन की बोगी का लुक दिया गया है। पर इन दोनों होटल्स को बोगी का स्वरूप दिया गया है। जबकि मुंबई में रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर ही बोगी में खाने-पीने के शौकीनों के लिए यूनीक रेस्तरां तैयार किया गया है। जहां कोरोना गाइड लाइन को फॉलो करते हुए जायकों का मजा लिया जा सकता है। मुंबई वासियों को रेलवे का यह नया प्रयोग काफी पसंद आ रहा है।