BCCI ने पत्रकार बोरिया मजूमदार पर लगाया दो साल का बैन, रिद्धिमान साहा को धमकाने की मिली सजा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार पर दो साल का बैन लगा दिया है, उन्होंने क्रिकेटर रिद्धिमान साहा को डराने और धमकाने की कोशिश की थी

Updated: May 04, 2022, 04:53 PM IST

BCCI ने पत्रकार बोरिया मजूमदार पर लगाया दो साल का बैन, रिद्धिमान साहा को धमकाने की मिली सजा
Photo Courtesy : Scroll.in

नई दिल्ली। स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट बोरिया मजूमदार को बीसीसीआई ने दो साल के लिए बैन कर दिया है। मजूमदार पर भारत के सीनियर विकेटकीपर और सनराइजर्स हैदराबाद के सलामी बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को डराने-धमकाने का आरोप है।बीसीसीआई की कमेट ने बोरिया को साहा को एक इंटरव्यू को लेकर डराने-धमकाने का दोषी पाया है।

बोर्ड के लगाए बैन का मतलब है कि अगले दो सालों तक मजूमदार बीसीसीआई या बीसीसीआई से जुड़े किसी भी स्टेट बोर्ड के स्टेडियम के अंदर इंट्री नहीं कर पाएंगे और ना ही उन्हें बोर्ड की ओर से मीडिया मान्यता दी जाएगी। साथ ही उन्हें बोर्ड द्वारा रजिस्टर्ड किसी भी खिलाड़ी का इंटरव्यू नहीं मिलेगा। वे अगले दो साल तक किसी भी घरेलू, नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट मैच का हिस्सा नहीं होंगे। यहां तक कि बीसीसीआई इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी से भी गुहार लगाएगी कि आईसीसी इवेंट में इस खेल पत्रकार को स्टेडियम में घुसने का मौका न मिले। 

दरअसल, हाल ही में ऋद्धिमान साहा ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। इसमें साहा को एक पत्रकार ने धमकी दी थी। इसके बाद साहा से पूर्व धुरंधर ओपनर वीरेंद्र सहवाग और भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री समेत कई खिलाड़ियों ने उस पत्रकार का नाम सभी के सामने जाहिर करने को कहा था। रवि शास्त्री ने बीसीसीआई से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद बीसीसीआई को इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

बीसीसीआई ने साहा से संपर्क किया जहां उन्होंने पूरा मामला बोर्ड के सामने बताया। बोर्ड ने फिर 3 सदस्यीय समिति का गठन किया। समिति में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और बोर्ड के शीर्ष परिषद सदस्य प्रभतेज सिंह भाटिया शामिल थे। इन्होंने पूरे मामले को जांचा परखा।