सागर की सब इंस्पेक्टर निमिशा अहिरवार पहुंची केबीसी की हॉटसीट पर, पहली कोशिश में मिली सफलता

पुलिस इंस्पेक्टर से मिलकर बोले अमिताभ बच्चन, आपसे डर कर पूछना पड़ेगा सवाल, मां की प्रेरणा से शो में आने वाली निमिशा का सपना है कि बेटियों की शिक्षा पर दिया जाए ध्यान

Publish: Aug 26, 2021, 01:17 PM IST

सागर की सब इंस्पेक्टर निमिशा अहिरवार पहुंची केबीसी की हॉटसीट पर, पहली कोशिश में मिली सफलता
Photo Courtesy: Instagram

सागर की SI निमिशा अहिरवार KBC 13 सीजन की चौथी प्रतिभागी बनी हैं। वहीं वे इस सीजन में मध्यप्रदेश की पहली प्रतिभागी हैं जो हॉटसीट पर पहुंची है। बुधवार को निमिशा ने 1.60 लाख रुपए जीते। वहीं गुरुवार रात भी वे एपीसोड में नजर आने वाली हैं।  

निमिशा बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले से हैं, उनकी नौकरी और ससुराल सागर में है। वे सागर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में नव नियुक्त पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग देती हैं।  

अपने केबीसी के सफर के बारे में निमिशा का कहना है कि अपनी मां के कहने पर उन्होंने मई कौन बनेगा करोड़पति के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। जिसके कुछ दिनों बाद उन्हें फोन आय़ा जिसे उन्होंने फर्जी फोन समझा। निमिशा ने एक के बाद एक सभी स्टेज क्लियर किए और उन्हें शूटिंग के लिए उन्हें मुंबई बुलाया गया। अपनी तैयारी के बारे में निमिशा का कहना है कि उन्होंने एक महीने में ही तैयारी की है। उनका डेढ़ साल का छोटा बच्चा है।

वे अपनी नौकरी और बच्चे की देखभाल के बाद समय निकालकर केबीसी के लिए तैयारी करती थीं। पुलिस आफिसर निमिशा से मिलकर अमिताभ बच्चन भी खुश हुए। उन्होंने मजाक करते हुए कहा कि आपसे डर-डर कर सवाल पूछना पड़ेगा। निमिशा ने फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट का ट्रिपल टेस्ट जैसे की क्लियर किया उनकी खुशी की ठिकाना ही नहीं रहा। वे काफी इमोशनल हो गई। उनके आंसू निकल आए, वे पहले तो यकीन ही नहीं कर पाई कि वे केबीसी के हॉटसीट तक पहुंच गई है। काफी देर बाद उन्हें यकीन हुआ कि वे जो देखरही हैं, वही सपना नहीं सच है।

सब इंस्पेक्टर निमिशा के पति हैली पांडे का बिजनेस है। निमिशा के पिता आर्मी में रहे हैं। वे अपने पिता की वर्दी से काफी प्रभावित होती थीं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में जाने के लिए कड़ी मेहनत की और उन्हें सफलता हासिल हुई। वे अपनी हर सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं।

 निमिशा का कहना है कि वे टीकमगढ़ के एक छोटे से गांव उदयपुरा से हैं, जहा बेटियों को पढ़ाया नहीं जाता। पढ़ाई से ज्यादा शादी ब्याह पर ध्यान दिया जाता है। उनका कहना है कि केबीसी के जरिए वे लोगों से अपील करना चाहती हैं कि बेटियों को मौका मिले तो हर मैदान फतह कर सकती हैं।