एम्स में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 50 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी लेटर से हुआ खुलासा

स्वास्थ्य विभाग में ऊंची पहुंच का रौब झाड़कर आरोपी ने 10 लोगों से वसूले 5-5 लाख रुपए, पैसे लेकर दिखाया झूठा नियुक्ति पत्र, नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ितों ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत

Updated: Dec 02, 2021, 01:46 PM IST

एम्स में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 50 लाख की धोखाधड़ी, फर्जी लेटर से हुआ खुलासा
Photo Courtesy: medical dialogues

रायपुर। राजधानी रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। इस मामले का मुख्य आरोपी दिल्ली का रहने वाला है, उसने रायपुर के युवकों को सरकारी नौकरी का सब्ज बाग दिखाया। और लोगों की गाड़ी कमाई हड़प कर फरार हो गया। जब पीड़ितों ने उससे फोन पर संपर्क किया तो उसने उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाया और कहा कि इसे डाक के माध्यम से घर भेजा जाएगा तभी यह मान्य होगा।

जब कई सप्ताह तक कोई पत्र पीड़ितों को नहीं मिला तो उन्होंने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उसका फोन बंद आने लगा। तब पीड़ित युवकों को अपने साथ हुए धोखे का पता चला। फरियादियों ने इसकी शिकायत थाने में कर दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। अब शिकायत सामने आने पर पुलिस ने दिल्ली निवासी यशवीर सिंह समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

दरअसल रायपुर के एक अस्पताल में दिल्ली निवासी यश उर्फ यशवीर सिंह की पहचान जांजगीर निवासी रुपेश कुमार कश्यप से हुई थी। यश रायपुर में इलाज के लिए आया था, जबकि रूपेश निजी अस्पताल में काम करता था, आरोपी ने पीड़ित को कहा कि कहां प्राइवेट नौकरी के फेर में पड़े हो सरकारी में क्यों नहीं कोशिश करते, जिसके बाद उसने दावा किया कि वह उसकी सरकारी नौकरी एम्स अस्पताल में लगवा देगा,  इसके लिए उसने 5 लाख रुपए की मांग की। वहीं इसी तरह उसने करीब 10  लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। अब सभी ने मिलकर पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग के लिए शिकायत की है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तारी की बात कह रही है। 

यह पहला मौका नही हैं जब रायपुर एम्स में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर किसी को ठगा गया हो। इससे पहले नवंबर के महीने में ही 2 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत पीड़ित ने पुलिस से की थी। लेकिन इस मामले में  भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।