छत्तीसगढ़ में नर्सिंग की सभी परीक्षाएं स्थगित, आदेश जारी

आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश हिशिकर ने कहा कि एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग और बीएससी नर्सिंग की परीक्षाएं आगामी आदेश तक स्थगित की जाती हैं

Updated: Apr 12, 2021, 04:46 PM IST

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग की सभी परीक्षाएं स्थगित, आदेश जारी
photo courtesy: bhaskar

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का असर परीक्षाओं पर पड़ रहा है। 22 अप्रैल से होने वाली नर्सिंग पाठ्यक्रमों की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। देर शाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने आदेश जारी किया है। साथ ही चिकित्सा शिक्षा  विभाग ने नर्सिंग के विद्यार्थियों को कोरोना मरीजों के इलाज़ और प्रबंधन में लगाने का आदेश जारी किया है।

आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.राजेश हिशिकर ने 10 अप्रैल को जारी शासन के आदेश का हवाला देते हुए विद्यार्थियों को सूचना जारी किया है। जारी हुए आदेश के मुताबिक  एमएससी नर्सिंग,पोस्ट बेसिक नर्सिंग और बीएससी नर्सिंग की परीक्षाएं आगामी आदेश तक निरस्त कर दी गई है। ज्ञात हो इन पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 22 अप्रैल से 12 मई तक होनी थी। प्रदेश भर में बीएससी पाठ्यक्रम के लिए18 और एमएससी पाठ्यक्रम के लिए 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बीएससी नर्सिंग के छात्राएं महीने भर पहले से ऑफ लाइन एग्जाम का विरोध कर रही थीं। उनका कहना था कि कोरोना काल मे ऑफ़ लाइन एग्ज़ाम से विद्यार्थी संक्रमित होंगे। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा की मांग की थी।

चिकित्सा शिक्षा संचालक ने सभी चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठाता को पत्र लिखकर नर्सिंग विद्यर्थियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बीएससी नर्सिंग के तृतीय वर्ष, एसएसपी नर्सिंग के दुतीय वर्ष के विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है छत्तीसगढ़ में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। तेज़ी से बढ़ते कोरोना के मामले को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने लॉक डाउन लगा दिया है। छत्तीसगढ़ में रविवार को कोरोना के 10521 नए केस आए हैं। रायपुर में 2833 कोरोना संक्रमित मरीज़ मिले हैं। 24 घंटे में प्रदेशभर में 122 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें 48 मौत केवल रायपुर के मरीजों की है। इधर प्रदेश में एक्टिव मरीज़ो की संख्या 90 हज़ार से अधिक हो गई है। कोरोना मरीज़ो के लगातार बढ़ने से अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं।