Marwahi By Election: ऋचा जोगी की जाति पर भी उठे सवाल

अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी की जाति पर भी उठे सवाल, बीजेपी ने उपचुनाव से पहले जाति प्रमाण पत्र रद्द करने की मांग की, 8 अक्टूबर को कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई

Updated: Oct 07, 2020, 10:14 AM IST

Marwahi By Election: ऋचा जोगी की जाति पर भी उठे सवाल

रायपुर। मरवाही में उपचुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। जोगी परिवार का गढ़ कही जाने वाली मरवाही सीट पर नया ट्विस्ट आने वाला है। मरवाही में एक बार फिर से जोगी परिवार की जाति का मामला उठा है। चुनावी मैदान में उतरने की अटकलों के बीच अमित की पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की मांग की जा रही है। इस बारे में कलेक्टर ने नोटिस जारी कर 8 अक्तूबर को पेशी के लिए बुलाया है।

जुलाई में बना है ऋचा का जातिप्रमाण पत्र

दरअसल मरवाही से छजका प्रत्याशी अमित जोगी की जाति मामले में किसी तरह की अड़चन आने की स्थिति के मद्देनजर पत्नी ऋचा जोगी को चुनाव लड़वाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र जुलाई में बनवाया गया है। ऋचा का जाति प्रमाण पत्र 17 जुलाई 2020 को जरहागांव जिला मुंगेली के तहसीलदार की ओर से जारी हुआ है। ऋचा जोगी का अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र बनना उनकी चुनावी तैयारी को लेकर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि इस जाति प्रमाणपत्र के लिए तहसीलदार चित्रकांत चाली ठाकुर के दफ्तर में 15 जुलाई को दिया गया था । जिसके बाद 17 जुलाई को ऋचा रुपाली साधु पिता प्रवीण राज साधु, निवासी पेंड्रीडीह तहसील जरहागांव जिला मुंगेली के नाम से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी हुआ। आपको बता दें कि इससे पहले कभी ऋचा ने अपना जाति प्रमाण पत्र नहीं बनवाया था।

ऋचा का जाति प्रमाण पत्र रद्द करने की मांग, 8 को होगी सुनवाई

बीजेपी नेता संत कुमार नेताम ने उपचुनाव से पहले ऋचा जोगी की जाति पर 18 बिंदुओं के साथ आपत्ति की है। उन्होंने अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी की जाति पर सवाल उठाया है। ऋचा जोगी के बारे में कहा है कि वे गोंड जाति की नहीं हैं। ऐसे में उनका जाति प्रमाणपत्र रद्द किया जाए। संत कुमार नेताम ने जाति प्रमाण पत्र को लेकर कलेक्टर कोर्ट में शिकायत की है। इस मामले में आपत्ति जताने पर कलेक्टर ने संज्ञान लेकर सुनवाई के आदेश दिए हैं। मुंगेली कलेक्टर ने 8 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेंगे।

गौरतलब है कि ऋचा इससे पहले अकलतरा से विधानसभा चुनाव में खड़ी हो चुकी हैं। अब अचानक जाति प्रमाणपत्र की बात सामने आने के बाद उनके मरवाही से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। अगर उपचुनाव में अमित जोगी की जाति पर सवाल उठने की स्थिति में ऋचा सुरक्षित प्रत्याशी साबित होंगी। वे अपने ससुर की पारंपरिक सीट का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होंगी।

मरवाही सीट पर 2001 से जोगी परिवार का कब्जा

साल 2001 से छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से अब तक मरवाही विधानसभा सीट पर जोगी परिवार का ही दबदबा रहा है। मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद साल 2001 में बीजेपी विधायक रामदयाल उईके के इस्तीफा देकर कांग्रेस में आने के बाद उप चुनाव हुए थे। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उसके बाद 2003 में अजीत जोगी जीते।

साल 2008 के चुनाव में एक बार फिर जनता ने अजीत जोगी पर भरोसा जताया। वहीं साल 2013 में अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने पिता की सीट से चुनाव लड़ा, और जीत हासिल की, साल 2018 तक मरवाही से विधायक रहे। इसके बाद साल 2018 के चुनाव में बतौर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रमुख अजीत जोगी ने चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे। मई में अजीत जोगी के निधन के बाद मरवाही सीट खाली हुई है और अब उपचुनाव में उनके बेटे यहां से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वहीं उनकी जाति का मुद्दा एक बार फिर उठा है, ऐसी स्थिति में उनकी पत्नी ऋचा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

पारंपरिक सीट बचाने की कवायद में लगा जोगी परिवार

मरवाही में जोगी परिवार के प्रत्याशी खड़े होने से उन्हें सहानुभूति के साथ-साध महिला होने का लाभ भी मिलेगा। मरवाही में करीब 96 हजार महिला वोटर्स हैं।मरवाही सीट जीतने में कांग्रेस भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी अपने पिता की पारंपरिक सीट को बचाए रखना चाहते हैं। 

आपको बता दें कि ऋचा ने रायपुर से स्कूल की पढ़ाई की है, भिलाई से उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की है। राजनीति से दूर रहने वाली ऋचा की रुचि थिएटर में भी है। साल 2018 में ऋचा ने अपने ससुर अजीत जोगी के चुनाव में उनके साथ काम किया था।