Raghuram Rajan : 6 महीनों में बेतहाशा बढ़ सकता है NPA

Coronavirus Effect : कोविड से उपजे आर्थिक संकट की वजह से कर्ज नहीं चुका पाएंगी कंपनियां

Publish: Jul 15, 2020, 09:08 PM IST

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि अगले छह महीने में बैंकों के फंसे कर्ज यानी एनपीए में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समस्या को जितनी जल्दी पहचान लिया जाए, उतना अच्छा होगा। दरअसल, कोविड-19 और उसकी रोकथाम के लिये ‘लॉकडाउन’ से कंपनियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और उनमें से कई कर्ज की किस्त लौटाने में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। कोरोना वायरस संकट से पहले भी देश में एनपीए संकट लगातार गहराता जा रहा था।

राजन ने ‘नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड एकोनॉमिक रिसर्च’ (एनसीएईआर) द्वारा आयोजित ‘इंडिया पॉलिसी फोरम’2020 के एक सत्र में कहा, ‘‘अगर हम वाकई में एनपीए के वास्तविक स्तर को पहचाने तो अगले छह महीने में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का स्तर काफी अप्रत्याशित होने जा रहा है। हम समस्या में हैं और जितनी जल्दी इसे स्वीकार करेंगे, उतना बेहतर होगा। क्योंकि हमें वाकई में इस समस्या से निपटने की जरूरत है।’’

14 जुलाई को प्रकाशित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आर्थिक सुधारों पर एक लेख का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जनधन खातों की सफलता की बात कही गई है लेकिन कुछ अर्थशास्त्रियों की राय इससे अलग हैं। उन्होंने कहा कि जनधन उस रूप से काम नहीं किया जैसा कि इसका प्रचार-प्रसार किया गया।

हालांकि उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का एक सकारात्मक चीज कृषि क्षेत्र है जो वास्तव में अच्छा कर रहा है। राजन ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से सरकार ने सुधारों को आगे बढ़ाया है। इन सुधारों की लंबे समय से बात हो रही थी। उसके सही तरीके से क्रियान्वयन होने से अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को लाभ होगा।’’