Model Mandi Act: हड़ताली कर्मचारियों को मनाने पहुंचे कृषि मंत्री

kamal Patel: मॉडल मंडी एक्ट के विरोध में हडताल कर रहे मंडी कर्मचारियों से कृषि मंत्री कमल पटेल ने मुलाकात की, काम पर लौटने का किया आग्रह

Updated: Sep 04, 2020 07:31 PM IST

Model Mandi Act: हड़ताली कर्मचारियों को मनाने पहुंचे कृषि मंत्री

भोपाल। मॉडल मंडी एक्ट खिलाफ प्रदेशभर के मंडी कर्मचारी-अधिकारी गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को इन कर्मचारियों से मिलने प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल पहुंचे। मंत्री ने हड़ताल पर डटे कर्मचारयों से मुलाकात की। इस दौरना उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने और काम पर लौटने का आग्रह किया। मंत्री कमल पटेल ने हड़ताली कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि ‘भारत सरकार द्वारा मंडी एक्ट में जो भी संशोधन किया गया है वह किसानों के हित में है। वहीं व्यापारी, कर्मचारी और किसानों को इससे चिंतित होने की कतई जरूरत नहीं है।

मंडी कर्मचारियों की चिंता करेगी सरकार, नहीं होगा नुकसान

मंडी एक्ट में संशोधन से मंडियों की आय में बढ़ोतरी होगी। माडल मंडी एक्ट के आ जाने से मंडियों को पहले से और बेहतर और स्मार्ट बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस संशोधन से बिचौलिया प्रथा समाप्त होगी। कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार सभी व्यापारियों और कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखेंगी। न मंडिया बंद होंगी, ना कर्मचारी को कोई आर्थिक नुकसान सहना पड़ेगा। मंडी कर्मचारियों को किसी भी तरह की परेशानियां नहीं आने दी जाएंगी। उनकी चिंता चिंता सरकार करेगी। 

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बिचौलिया प्रथा खत्म होने से किसानों को होगा लाभ

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण करने और उन्हे आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बिचौलिया प्रथा खत्म करने, किसानों के व्यवसाय के लिए नए प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से मॉडल मंडी एक्ट लागू किया गया है। खेती को फायदे का धंधा बनाने के प्रधानमंत्री और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के सपने को मूर्त रूप रूप देने के लिये नया कदम उठाया गया है। मंत्री ने सफाई दी है कि किसानों की फसल खेत,खलिहान,  घर और गोडाउन से कहीं से भी खरीदी और बेची जा सकती है।

गुरुवार से हड़ताल पर हैं मंडी कर्मचारी

गौरतलब है निजी मंडियों के खिलाफ गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों ने भोपाल में मंत्रालय पर विरोध प्रदर्शन किया था। हजारों की संख्या में अधिकारी-कर्मचारी भोपाल के मंडी बोर्ड मुख्यालय में जमा हुए थे। मंडी कर्मचारियों की इस प्रदेशव्यापी हड़ताल का समर्थन राज्य के लाखों हम्माल-तुलावली और व्यापारियों और किसानों ने भी किया है। मंडी कर्मचारी और अधिकारियों की बेमियादी हड़ताल से तमाम मंडियां बंद हैं। वहीं इस हड़ताल में सब्जी मंडियां भी शामिल हैं जिससे सब्जियों की किल्लत होने की संभावना है। गुरुवार को माडल मंडी एक्ट के विरोध में एक हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने वल्लभ भवन का घेराव किया था।