दिवाली के बाद छत्तीसगढ़ में होगी धान खरीदी, 1 करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है का लक्ष्य

21 साल में सबसे ज्यादा होगी धान खरीदी, बारदानों की व्यस्था में जुटी सरकार, केंद्रीय जूट आयुक्त को 5 लाख 50 हजार गठान बारदानों का दिया ऑर्डर, PDS दुकानों और किसानों से भी व्यवस्था करने को कहा, पिछले साल हो गई थी किल्लत

Updated: Oct 26, 2021, 05:23 PM IST

दिवाली के बाद छत्तीसगढ़ में होगी धान खरीदी, 1 करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा है का लक्ष्य
Photo Courtesy: Patrika

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल रिकॉर्ड धान खरीदी करने का लक्ष्य है। सरकार किसानों से दिवाली के बाद धान खरीदी की तैयारी में है। इस साल करीब 1 करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। वहीं खरीदी के बीच बारदानों की कमी से निपटने की व्यवस्था अभी से की जा रही है। सरकार ने किसानों से बारदाने साथ लाने को कहा है। वहीं पीडीएस दुकानों को भी व्यवस्था बनाने के आदेश दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने जूट कमिशनर कोलकाता को 5 लाख 50 हजार गठान बारदानों आर्डर किया है। वहीं बीजेपी ने इसे खरीदी में देरी करार देते हुए एक 1 नवंबर से खरीदी शुरू करने की मांग की है। 

लेकिन सरकार पूरी तैयारी के साथ दिवाली के बाद प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने वाली है। अब तक करीब साढ़े चौबीस लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। यह आंकड़ा पिछले साल के करीब ढाई लाख ज्यादा है। इस साल धान की खेती का रकबा 48 हजार हेक्टेयर भी बढ़ गया है। यही वजह है कि प्रदेश में बंपर पैदावार के बाद बंपर खरीदी होने वाली है। जो कि अपने आप में रिकॉर्ड है।

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 प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में हाल में में धान खरीदी के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की मीटिंग हुई थी। लेकिन इस बैठक में धान खरीदी की तारीखों का ऐलान नहीं किया गा। माना जा रहा है कि आगामी बारदाने के संकट के मद्दे नजर व्यवस्थाएं बनाने के लिए धान खरीदी की तारीख नहीं घोषित की गई है। खबर है कि धान बेचने आए किसान अपने बारदानों में धान लाकर बेच सकते हैं।

पिछले साल की तरह इस बार बारदानों का संकट ना हो इसलिए सरकार ने किसानों से अपने बारदानों में धान लाने को कहा है। दरअसल बीते बरस किसानों को प्रति बोरा 15 रुपए भुगतान किया था। इस साल किसानों से सामान्य धान 1940 रुपए प्रति क्विंटल की दर के समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी। वहीं ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 1960 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है। किसानों से मक्का 1870 रुपए प्रति क्विंटल की दर पर खरीदने का प्रस्ताव है।

हालांकि इस दौरान बाजार में प्रति बोरे की कीमत 32 से 35 रुपए हो गई थी। मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक के बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि, इस साल धान खरीदी के लिए 1 करोड़ 5 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। जूट कमिशनर कोलकोता को आर्डर किया गया है।

धान खरीदी शुरू होने से पहले केवल 30 फीसदी बारदाना मिलने की उम्मीद है। हमने राइस मिल, पीडीएस की दुकानों से और पिछली बार की तरह प्लास्टिक के बारदानें जुटाने की पहल कर दी है। हम मानकर चल रहे हैं कि धान खरीदी प्रभावित नहीं होगी।