बिजली विभाग का कुर्की नोटिस, तनाव में किसान ने की आत्महत्या

Farmer Suicide in MP: पिछले तीन दिनों में किसान आत्महत्या का चौथा मामला, सीएम शिवराज चौहान के गृह जिले सीहोर में भी तीन किसानों की आत्महत्या

Updated: Sep 06, 2020 08:48 AM IST

बिजली विभाग का कुर्की नोटिस, तनाव में किसान ने की आत्महत्या

निवाड़ी। मध्यप्रदेश में फसल बर्बाद होने, भारी बिजली बिल और कर्ज होने तथा सरकार से सहायता नहीं मिल पाने के कारण किसानों द्वारा आत्महत्या निरंतर जारी है। प्रदेश के निवाड़ी जिले में कर्ज के बोझ तले एक और किसान ने आत्महत्या कर ली है। पिछले तीन दिनों में प्रदेश के किसानों द्वारा आत्महत्या का यह चौथा मामला है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में भी 3 किसानों ने फसल खराब होने की वजह से आत्महत्या की है।

दरअसल, निवाड़ी जिला मुख्यालय से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर स्थित चंदेली टोरिया गांव के किसान प्यारेलाल यादव कर्ज के बोझ तले दबे हुए थे। 60 वर्षीय प्यारेलाल को बिजली के बिल, बैंक के लोन और परिचितों का उधार चुकता करना था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 15 एकड़ भूमि में उड़द, तिल और मूंगफली की फसल बोई थी। इस फसल से उन्हें डेढ़ लाख रुपए फायदा होने की उम्मीद थी जिससे वह कर्ज चुका पाते। लेकिन अधिक बारिश के कारण सारी फसल बर्बाद हो गई और इस तनाव में उन्होंने आत्महत्या कर लिया। 

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परिचित से 60 हजार लेकर की थी बुआई

बताया जा रहा है कि प्यारेलाल ने अपने किसी परिचित से इसी साल 60 हजार रुपए कर्ज लिया था जिससे उन्होंने फसल की बुआई की थी। इसके अलावा उन्हें 19 हजार रुपए बिजली बिल और ग्रामीण बैंक को 92 हजार रुपए चुकाने थे। ऐसे में अब उनके पास कर्ज चुकाने का आखिरी रास्ता फसल का मुनाफा ही था। लेकिन फसल बर्बाद होने की वजह से उन्होंने तनाव में आकर शुक्रवार (04 सितंबर) को अपने खेत मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

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बिजली विभाग के दबाव में की आत्महत्या

मृतक प्यारेलाल के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बिजली विभाग के दबाव में आकर आत्महत्या की है। उनके बेटे ने मीडिया को बताया कि बिजली विभाग ने उन्हें कुर्की के नोटिस भेजे थे जिसके बाद उन्हें कुछ नहीं सूझ रहा था। कुर्की के नोटिस मिलने के बाद से ही वह तनाव में आ गए थे और इसी तनाव में उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फिलहाल जिला पुलिस मामले की जांच कर रही है वहीं कलेक्टर ने बिजली विभाग को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।