पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 110 करोड़ का घोटाला

PM Kisan Samman Nidhi Scam: घोटाले के बाद तमिलनाडु सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, 18 एजेंट गिरफ्तार, 34 अधिकारी निलंबित, सरकार ने कोरोना काल में 5.5 लाख फर्ज़ी किसानों को जोड़ने का मामला पकड़ा

Updated: Sep 09, 2020 06:06 PM IST

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में 110 करोड़ का घोटाला
Photo Courtsey: krishi jagran

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' में बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। तमिलनाडु सरकार ने इस योजना में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तमिलनाडु सरकार ने इस योजना में 110 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले को पकड़ा है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

तमिलनाडु सरकार ने केंद्र की इस योजना की जांच में पाया है कि कुछ अपात्र लोग भी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। जांच के दौरान धोखाधड़ी के माध्यम से 110 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान ऑनलाइन निकालने की बात सामने आई है। शुरुआती आकलन के मुताबिक कोरोना काल में तकरीबन साढ़े पांच लाख लोगों को इस लिस्ट में जोड़ा गया। इनमें से बहुत सारे लोग इस योजना के लिए योग्य नहीं थे। 

बताया जा रहा है कि लॉकडाउन लागू होने के बाद सरकार ने इस योजना के अंतर्गत क्लीयरेंस नॉर्म्स में थोड़ी छूट प्रदान की थी। इसी छूट का फायदा उठाकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। इस बारे में प्रिंसिपल सेक्रेटरी गगनदीप सिंह बेदी ने मीडिया को बताया है कि मार्च 2020 में इस योजना के 39 लाख लाभार्थी थे जो अगस्त तक बढ़कर 45 लाख हो गए। उन्होंने बताया है कि मामले में अबतक 18 एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया गया है, वहीं योजना से जुड़े 80 अधिकारियों को हटा दिया गया है। इसके अलावा 34 अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

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ऐसे हुआ यह फ्रॉड

रिपोर्ट्स के मुताबिक एग्रीकल्चर विभाग के अधिकारियों ऑनलाइन आवेदन अनुमोदन प्रणाली के माध्यम से इस फ्रॉड को अंजाम दिया। सबसे पहले कई लोगों को अवैध रूप से लाभार्थियों की लिस्ट में जोडा गया। इसके बाद वह नए लाभार्थियों में जुड़ने वाले दलालों को लॉगिन, पासवर्ड प्रदान कर 200 रुपए देते थे। तमिलनाडु सरकार में बताया है कि घोटाले के 110 करोड़ रुपए में से 32 करोड़ को रिकवर कर लिया गया है वहीं सरकार का दावा है कि अगले 40 दिनों के भीतर सारे पैसे वसूल लिए जाएंगे।