सुषमा स्वराज Goofball थी, पोम्पिओ ने पूर्व विदेश मंत्री का किया उपहास, एस जयशंकर ने किया किनारा

माइक पोम्पियो ने अपनी नई किताब “नेवर गिव एन इंच: फाइटिंग फॉर द अमेरिका आई लव” में कहा कि शायद दुनिया ये नहीं जानती कि 2019 में पाकिस्तान बदला लेने के लिए भारत पर परमाणु हमला करने वाला था।

Updated: Jan 25, 2023, 11:55 AM IST

सुषमा स्वराज Goofball थी, पोम्पिओ ने पूर्व विदेश मंत्री का किया उपहास, एस जयशंकर ने किया किनारा

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने अपनी किताब में कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। पोम्पियो ने अपनी नई किताब “नेवर गिव एन इंच: फाइटिंग फॉर द अमेरिका आई लव” में कहा कि साल 2019 में पाकिस्तान बदला लेने के लिए भारत पर परमाणु हमला करने वाला था। इतना ही नहीं का पुस्तक में तत्कालीन भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को Goofball (बेवकूफ) कहा गया है।

माइक पोम्पिओ ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होंने अपनी भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज को कभी ‘महत्वपूर्ण राजनीतिक शख्सियत' के रूप में नहीं देखा। वह भारतीय विदेश नीति टीम में भी महत्वपूर्ण शख्सियत नहीं थी। स्वराज के बजाए मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और विश्वासपात्र राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ काम किया।

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पोम्पिओ ने मौजूदा विदेश मंत्री एस जयशंकर को लेकर कहा कि उनसे पहली मुलाकात में ही अच्छे मित्रवत रिश्ते बन गए थे। मई 2019 में, हमने जयशंकर का भारत के नए विदेश मंत्री के रूप में स्वागत किया। मैं इससे बेहतर समकक्ष के लिए नहीं कह सकता था। मैं इस व्यक्ति को पसंद करता हूं। अंग्रेजी उन सात भाषाओं में से एक है जो वह बोलते हैं और वह भी मेरे से बेहतर।

पोम्पिओ ने जयशंकर को ‘पेशेवर, तार्किक और अपने बॉस तथा अपने देश के बड़े रक्षक’ के तौर पर वर्णित किया है। उन्होंने लिखा है कि हम फौरन दोस्त बन गए। हमारी पहली मुलाकात में मैं बहुत ही कूटनीतिक भाषा में शिकायत कर रहा था कि उनकी पूर्ववर्ती (सुषमा स्वराज) मददगार नहीं थी। हमारे बीच सुषमा स्वराज को लेकर विचार साझा हुए और हमने उन्हें "Goof ball" (बेवकूफ) और "heartland political hack" कहा था। 

पोम्पिओ के दावों का विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खंडन किया है। उन्होंने कहा, "मैंने मंत्री पोम्पिओ की किताब में सुषमा स्वराज जी का जिक्र करने वाला एक अंश देखा है। मैंने हमेशा उनका बहुत सम्मान किया और उनके साथ मेरे बेहद करीबी और मधुर संबंध थे। मैं उनके लिए इस्तेमाल की जाने वाली अपमानजनक शब्दावली की निंदा करता हूं।"

बता दें सुषमा स्वराज नरेंद्र मोदी की सरकार के पहले कार्यकाल मई 2014 से मई 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रही थीं। अगस्त 2019 में उनका निधन हो गया था। वहीं तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विश्वासपात्र, पोम्पिओ 2017 से 2018 तक उनके प्रशासन में सीआईए निदेशक थे और फिर 2018 से 2021 तक विदेश मंत्री रहे।

पोम्पिओ के दावों के मुताबिक साल 2019 में भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे पर 'परमाणु हमले' की तैयारी कर रहे थे। बकौल  पोम्पिओ ये बात उन्हें सुषमा स्वराज ने बताई थी। इसके बाद वे रात में सो नहीं सके। उनकी टीम ने इस संकट को टालने के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ पूरी रात काम किया।