स्विटजरलैंड में तैयार हुई दुनिया की पहली सुसाइड मशीन, मिनटों में इच्छामृत्यु देने का दावा

दुनियाभर में सुसाइड मशीन की ज़बरदस्त आलोचना हो रही है, इसे एडवांस गैस चेंबर करार दिया गया है.. मगर मशीन बनाने वाली संस्था का दावा है कि लकवा-ग्रस्त या शरीर से अक्षम लोगों के लिए यह मशीन दर्द से छुटकारा दिलानेवाली हो सकती है.. हम समवेत इस ख़बर को सिर्फ़ सूचना के लिए प्रकाशित कर रहा है..

Updated: Dec 07, 2021, 07:32 PM IST

स्विटजरलैंड में तैयार हुई दुनिया की पहली सुसाइड मशीन, मिनटों में इच्छामृत्यु देने का दावा
Photo Courtesy: The Independent

स्विट्जरलैंड का कानून इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता प्रदान करता है। अब यहां की एक संस्था ने ऐसी मशीन बनाने का दावा किया है जो एक मिनट में बिना किसी दर्द के इंसान को सदा के लिए मौत की नींद सुला सकती है। दावा किया जा रहा है कि इच्छामृत्यु की चाह रखनेवाले लोग इस मशीन की मदद से दर्दरहित और शांतिपूर्वक मौत को गले लगा सकते हैं। ये मशीन ताबूत जैसी दिखाई देती है। इसमें जाने वाले व्यक्ति के ऑक्सीजन का स्तर धीरे-धीरे कम करके हाइपोक्सिया और हाइपोकेनिया के माध्यम से मौत दी जाती है। इस सुसाइडल कैप्सूल में महज 30 सेकेंड में नाइट्रोजन की मात्रा कई गुना बढ़ा दी जाती है। जिसकी वजह से ऑक्सीजन का स्तर 21 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पर आ जाता है। थोड़ी सी घबराहट के बाद कुछ ही सेकेंड में इंसान की मौत हो जाती है।

मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि यह मशीन पलक झपकाने से भी संचालित हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति लॉक्ड-इन सिंड्रोम से पीड़ित है तो वह इसे पलक झपकाकर भी उपयोग कर सकता है। लॉक्ड-इन सिंड्रोम उस अवस्था को कहा जाता है जब मरीज जागा तो रहता है लेकिन लकवा ग्रस्त होने की वजह से उसका शरीर काम करना बंद कर देता है। इस तरह के मरीज केवल पलकें झपका सकते हैं, वे बोलने में भी असमर्थ होते हैं। ऐसे मरीजों को दर्द रहित जीवन से मुक्ति दिलाने का दावा किया जा रहा है। इस मशीन से मरने वालों की इच्छा के अनुसार इसे कहीं भी ले जाकर उपयोग किया जा सकता है। उपयोग होने के बाद बायोडिग्रेडेबल ताबूत से मशीन को अलग कर लिया जाता है। इस मशीन का निर्माण एग्जिट इंटरनेशनल संस्था ने किया है।

इस सुसाइडल मशीन के  निर्माता डॉ फिलिप निट्स्के (डॉक्टर डेथ) हैं, जिनका दावा है कि वे अगले साल तक स्विट्जरलैंड में इस सारको याने सुसाइड मशीन को उपयोग के लिए उपलब्ध करवा देंगे।स्विटरजरलैंड सरकार से इसे कानूनी मान्यता मिल गयी है। उनका कहना है कि यह काफी खर्चीला प्रोजेक्ट है। लेकिन इंसान को आसान मौत के लिए कारगर है।

 इस सुसाइडल मशीन की दुनियाभर में आलोचना की जा रही है। इसे एडवांस गैंस चेंबर करार दिया गया है। फिलहाल केवल दो सरको प्रोटोटाइप ही मौजूद हैं, लेकिन एग्जिट इंटरनेशनल की मशीन 3D प्रिंटिंग का दावा है कि अगले साल स्विट्जरलैंड में इसका संचालन शुरू हो जाएगा।

(नोट- हम समवेत इस तरह के प्रयोग के समर्थन में नहीं है। खबर सिर्फ सूचना के लिए लिखी गयी है)