बदहाल होती विद्युत व्यवस्था पर अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा, सीएम को लिखा पत्र

अजय विश्नोई ने कहा है कि प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों को मेंटेनेंस की राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिसका नतीजा यह है कि राज्य सरकार की 21000 करोड़ की सब्सिडी का लाभ कृषि और ग्रामीण उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत बहुतायत में आती हैं

Updated: Aug 13, 2021, 12:52 PM IST

बदहाल होती विद्युत व्यवस्था पर अजय विश्नोई ने अपनी ही सरकार को घेरा, सीएम को लिखा पत्र

भोपाल। पाटन विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक अजय विश्नोई ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार अजय विश्नोई ने प्रदेश की बदहाल होती विद्युत वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विश्नोई ने शिवराज सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए जल्द ही प्रदेश में विद्युत वितरण व्यवस्था ठीक करने की मांग की है। इसके लिए बीजेपी नेता ने सीएम से विद्युत वितरण कम्पनियों को मेंटेनेंस के लिए 800-900 करोड़ की राशि मुहैया कराने की मांग की है। 

अजय विश्नोई ने सीएम शिवराज को लिखे पत्र में कहा है कि मध्य प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। अजय विश्नोई ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों से प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा मेंटेनेंस का कार्य नहीं किया गया है। जिसके परिणाम यह हुआ है कि अमूमन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ट्रिपिंग और ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायत बहुतायत में मिलती हैं। 

बीजेपी नेता ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि मप्र की भाजपा सरकार प्रत्येक वर्ष 21,000 करोड़ रुपयो की सब्सिडी का तिलक प्रदेश के अन्नदाताओं के माथे पर लगाती है।परंतु किसानों तक बिजली पहुँचने के तंत्र के रखरखाव के लिए आवश्यक 800-900 करोड़ रूपये खर्च नही करती, जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र में बिजली ट्रिपिंग ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत आती हैं।

करीब दो हफ्ते पहले भी अजय विश्नोई ने बिजली की समस्या के संबंध में सीएम को पत्र लिखा था। उस पत्र में अजय विश्नोई ने सीएम से कहा था कि विद्युत वितरण की समस्या से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बेहद परेशान हैं, समय पर उनकी समस्याओं का निवारण तक नहीं हो पा रहा है। विश्नोई ने सीएम को आगाह करते हुए कहा था कि जल्द ही अगर इस समस्या का निवारण नहीं किया गया तो प्रदेश में बीजेपी के हाथों से वोटरों का एक बड़ा तबका फिसल सकता है।

अजय विश्नोई मध्य प्रदेश बीजेपी के बड़े चेहरों में से एक हैं। शिवराज मंत्रिमंडल में महाकौशल को उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के बाद से ही विश्नोई अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उन्होंने कोरोना मृतकों के आंकड़ों को छिपाने का आरोप भी लगाया था।