New Education Policy: बीजेपी विधायक ने उठाया राज्य शिक्षा नीति पर सवाल

Ajay Bishnoi: पत्र लिखकर कहा, नई शिक्षा नीति से पहले राज्य की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करे सरकार

Updated: Aug-09, 2020, 12:42 AM IST

New Education Policy: बीजेपी विधायक ने उठाया राज्य शिक्षा नीति पर सवाल
photo courtesy : india today

भोपाल। पाटन से बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर अपनी ही सरकार की आलोचना की है। बीजेपी नेता अजय विश्नोई ने राज्य में बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर राज्य सरकार को घेरा है। अजय विश्नोई ने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख कर कहा है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था सबसे निचले स्तर की है। ऐसे में सरकार को नई शिक्षा नीति लागू करने से पहले राज्य की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की ओर अग्रसर रहना चाहिए ।   

राज्य में योग्य शिक्षकों की कमी 
पिछली शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अजय विश्नोई ने मुख्यमंत्री को राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए लिखा है कि शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अभी पिछड़ा हुआ ही है। विश्नोई ने कहा है कि राज्य में योग्य शिक्षकों का अभाव है। विश्नोई ने राज्य के शिक्षकों पर आरोप लगाया है कि राज्य में अधिकांश शिक्षक शिक्षा के प्रति तनिक भी गंभीर नहीं हैं। 

अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं स्कूल 
विश्नोई ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य में शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं का आभाव है।अभिभावक इनमे अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते हैं। इसके साथ ही जो छात्र इन पाठशालाओं में पढ़ रहे हैं उनका ज्ञान भी शोचनीय स्तर तक कमज़ोर है। विश्नोई ने कहा कि राज्य में योग्य शिक्षकों का भारी आभाव है ।विश्नोई ने कहा है कि सेकेंडरी, हायर सेकंडरी स्कूलों में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए शिक्षक नहीं हैं। विश्नोई ने मुख्यमंत्री को प्रेषित अपने पत्र में कहा है कि इस समय प्रदेश में अधिकांश स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हैं। 

नई शिक्षा नीति से पहले ऐसा करने की आवश्यकता 
बीजेपी नेता ने अपने पत्र में राज्य की शिक्षा व्यवस्था की कमियों को गिनाने के साथ साथ इसे दुरुस्त करने हेतु सुझाव भी दिए हैं। विश्नोई ने कहा है कि नई शिक्षा नीति को अपनाने से पहले शिक्षकों को शिक्षित करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही शिक्षण कार्य में समर्पण और रूचि का भाव पैदा करना भी ज़रूरी है। विश्नोई ने कहा कि शिक्षकों में इतनी क्षमता पैदा करनी होगी कि वे छात्रों की रुचि को पहचान सकें। विश्नोई ने कहा है कि मौजूदा शिक्षकों को नए ढाँचे में डालने की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।    

इसके साथ ही विश्नोई ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया है कि हर गाँव में स्कूल खोलने के बनिस्बत राज्य सरकार को हर 10 किलोमीटर पर तमाम संसाधान और उपकरणों से लैस एक स्कूल खोलना चाहिए। ताकि राज्य में एक अच्छी और मज़बूत शिक्षा व्यवस्था बहाल की जा सके।

 प्रधानमंत्री को भी भेजा सुझाव 
बीजेपी नेता अजय विश्नोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी सुझाव भेजा है विश्नोई ने प्रधानमंत्री से कहा है कि देश में एक टेक्स्ट बुक रेगुलेटरी बोर्ड अपनाने की ज़रूरत है। विश्नोई ने कहा कि मौजूदा समय में कोई भी व्यक्ति एक किताब लिख कर छाप देता है। और अपनी पहुँच के दायरे में उसे पहुंचा देता है। विश्नोई ने कहा है कि रेगुलेटरी बोर्ड बना कर किताबों का स्तर जांचे जाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।