इंदौर में एशिया के सबसे लंबे हाई-स्पीड टेस्टिंग ट्रैक का हुआ उद्घाटन, ट्रोलर्स बोले पेट्रोल 100 रुपए लीटर है गाड़ी कैसे चलेगी

इंदौर के पीथमपुर में बना विश्व का पांचवा सबसे बड़ा ट्रैक, गाड़ियों की मैक्सीमम स्पीड की हो सकेगी टेस्टिंग, 2,960 एकड़ में तैयार किया गया है11.3 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड ट्रैक, ऑटोमोबाइल कंपनियां ऑटोमोटिव और कंपोनेंट टेस्टिंग कर सकेंगी

Updated: Jun 29, 2021, 07:14 PM IST

इंदौर में एशिया के सबसे लंबे हाई-स्पीड टेस्टिंग ट्रैक का हुआ उद्घाटन, ट्रोलर्स बोले पेट्रोल 100 रुपए लीटर है गाड़ी कैसे चलेगी
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इंदौर। देश समेत प्रदेश में बढ़ती पेट्रोल की कीमतों के बीच इंदौर के पीथमपुर में एशिया के सबसे लंबे हाई-स्पीड ट्रैक का उद्घाटन हो गया है। इस ट्रैक को दुनिया के पांचवें सबसे बड़े ट्रैक होने का गौरव भी प्राप्त है। इस हाई-स्पीड ट्रैक का उपयोग ऑटोमोबाइल कंपनियां ऑटोमोटिव और कंपोनेंट टेस्टिंग के लिए कर सकेंगी। मध्यप्रदेश में इस सुविधा से अब देश में ही गाड़ियों की टेस्टिंग और ईवेल्यूएशन किया जा सकेगा।

अब देश में तैयार की गई गाड़ियों के विदेश भेजने की जरुरत नहीं होगी। वहीं टेस्ट प्रोसेस के हिस्से के रूप में यहां विदेशों से आने वाली गाड़ियों का भी मूल्यांकन इसी ट्रैक पर करने की सुविधा भी रहेगी। इस ट्रैक के उद्घाटन और उसकी खूबियों की तस्वीरें वायरल होने पर सोशल मीडिया पर एक बार फिर महंगे पेट्रोल का मुद्दा गरमा गया है। ट्रोलर्स का कहना है कि जब पेट्रोल के दाम आसमान छूने लगेंगे तो इस हाई स्पीड ट्रैक पर गाड़ी कैसे चलाएंगे।

 

एक वर्चुअल कार्यक्रम में मंगलवार को इसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया। उन्होंने इसे एक बड़ी उपलब्धी बताया। एशिया के सबसे बड़े ऑटोमोटिव टेस्टिंग हाई-स्पीड ट्रैक की लंबाई 11.3 किलोमीटर है। यह एशिया का सबसे लंबा हाई-स्पीड ट्रैक तो है ही साथ ही यह विश्व का पांचवां सबसे बड़ा ट्रैक है।

इस ट्रैक की चौड़ाई 16 मीटर है, यह ओवल शेप में है। यह इंदौर से मजह 50 किलोमीटर की दूरी पर है। इस ट्रैक को 2,960 एकड़ जमीन पर डवलप किया गया है। इसे 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक की न्यूट्रल स्पीड और कर्ब पर 375 किलोमीटर प्रति घंटे तक की मैक्सीमम स्पीड के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

इस ट्रैक के उद्घाटन के मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे, राजमार्ग और जलमार्ग क्षेत्र की कई परियोजनाएं वर्षों से लटकी हुई थीं जो आज मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण पूरी हो रही हैं। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस हाई-स्पीड ट्रैक में ऑटोमोबाइल कंपनियां ऑटोमोटिव और कंपोनेंट टेस्टिंग कर सकेंगी। नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स (NATRAX) फेसिलिटी में हाई-एंड कारों और अन्य श्रेणियों की गाड़ियों की मैक्सीमम स्पीड लिमिट नापी जा सकेगी। हाई-स्पीड ट्रैक में फोर-लेन ट्रैक हैं। जिनका उपयोग सभी तरह की गाड़ियों के डवलपमेंट और होमोलोगेशन टेस्टिंग के लिए हो सकेगा। यह हाई स्पीड टेस्टिंग ट्रैक का विशाल आकार मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए फायदेमंद साबित होगा।

इस एक ट्रैक पर ही कई तरह के ऑटोमोटिव टेस्टिंग की जा सकेगी। इस ट्रैक पर कोस्ट डाउन टेस्ट, ब्रेक टेस्ट, स्पीडोमीटर कैलिब्रेशन, कॉन्स्टैंट स्पीड फ्यूल कंजम्पशन टेस्ट याने निरंतर गति ईंधन की खपत परीक्षण, शोर परीक्षण, वायब्रेशन याने कंपन का मेजरमेंट और माइलेज एक्युमुलेशन टेस्ट जैसे बहुत से जरूरी टेस्ट किए जा सकेंगे। इस तरह के ट्रैक का उपयोग बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, ऑडी, फेरारी, लेम्बोर्गिनी, टेस्ला जैसी हाई-एंड कारों की मैक्सीमम हाई स्पीड कैपेसिटी मापने के लिए किया जाता है। जिन्हें किसी दूसरे इंडियन टेस्टिंग ट्रैक पर नहीं मापा जा सकता है।