भाजपा सांसद डामौर पर कोर्ट ने किया मुकदमा दर्ज, 600 करोड़ के घोटाले का आरोप

भाजपा सांसद गुमान सिंह डामौर के अलावा अलीराजपुर के तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा सहित अन्य अफसरों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के साथ साथ 17 जनवरी को पेश होने के आदेश जारी किए हैं, डामौर पर कार्यपालन यंत्री रहने के दौरान योजनाओं के नाम पर 600 करोड़ के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है

Updated: Dec 27, 2021, 08:21 PM IST

भाजपा सांसद डामौर पर कोर्ट ने किया मुकदमा दर्ज, 600 करोड़ के घोटाले का आरोप
Photo Courtesy: Lalluram

इंदौर। रतलाम झाबुआ से बीजेपी के सांसद गुमान सिंह डामौर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। अलीराजपुर न्यायालय ने 600 करोड़ के घोटाले के मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बीजेपी सांसद के साथ साथ अलीराजपुर के तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट ने 17 जनवरी को पेशी का फरमान भी सुनाया है। 

अलीराजपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पित जैन ने बीजेपी सांसद, गणेश शंकर मिश्रा, पीएचई के कार्यपालन यंत्री डीएल सूर्यवंशी, सुधीर कुमार सक्सेना सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 197, 217, 269, 403, 420 के तहत मुकदमा पंजीबद्ध किया है। बीजेपी सांसद सहित तमाम अधिकारियों के खिलाफ यह कार्रवाई इंदौर के पत्रकार धर्मेंद्र शुक्ला द्वारा दायर याचिकाओं के बाद किया गया है। 

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धर्मेंद्र शुक्ला ने हाई कोर्ट में घोटाले के आरोपियों के खिलाफ 2015 और 2017 में याचिका दायर की थी। इसके साथ ही उन्होंने 2019 में अलीराजपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष याचिका दाखिल की। धर्मेंद्र शुक्ला द्वारा भ्रष्टाचार संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 

क्या है मामला 

बीजेपी के टिकट पर सांसद बनने से पहले गुमान सिंह फ्लोरोसिस नियंत्रण परियोजना में कार्यपालन यंत्री के तौर पर इंदौर में पदस्थ थे। बीजेपी सांसद पर आरोप है कि 2006-07 में कार्यपालन यंत्री रहने के दौरान उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर विभिन्न योजनाओं के नाम पर 600 करोड़ के घोटाले को अंजाम दिया।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक योजनाओं के नाम पर करोड़ों की रकम तो जारी हो गई, लेकिन आदिवासी क्षेत्र में न तो फ्लोरोसिस नियंत्रण का काम हुआ और न ही क्षेत्र में हैंडपंप खुदवाए गए। दूसरी तरफ भ्रष्टाचार का पूरा खेल जारी रहा। इस घोटाले को उजागर करने वाले पत्रकार धर्मेंद्र शुक्ला ने न्यायालय का रुख कर लिया। जिसके बाद भाजपा सांसद सहित अन्य अधिकारियों पर अब कार्रवाई का आगाज़ हुआ है।इस मामले में अलीराजपुर के तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा का नाम भी सामने आया है। मौजूद वक्त में मिश्रा मध्य प्रदेश विद्युत मंडल में एमडी हैं।