Kamal Nath: आज संविधान खतरे में, सच का साथ दें

Independence Day: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिया संदेश, खुशहाली लाने का जो दौर हमने शुरू किया वह रुक गया

Updated: Aug-15, 2020, 12:24 AM IST

Kamal Nath: आज संविधान खतरे में, सच का साथ दें

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश में कहा कि भारत लाखों लोगों के त्याग और कुर्बानी से आजाद हुआ है। लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी तब जाकर प्रजातंत्र के ढांचे में संविधान बना। लेकिन आज हमारा संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने लोगों से लोकतंत्र और संविधान को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर सच्चाई पहचानने और सच का साथ देने का संकल्प लेने की अपील की है। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि त्याग और कुर्बानी के साथ पूज्य महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश आजाद हुआ। प्रजातंत्र के ढांचे में हमारा संविधान बना। आज इसकी रक्षा करना हमारा प्रथम कर्तव्य है ताकि आगे आने वाली पीढ़ियों को हम एक प्रजातांत्रिक चरित्र सौंप सके। बाबा साहब अम्बेडकर ने जब संविधान बनाया तब उन्होंने सोचा कि देश में एक नैतिक एवं सैद्धांतिक राजनीति होगी और उसी के अनुसार प्रावधान रखे। आज संविधान कितने खतरे में है यह चित्र आपके सामने है। 

उन्होंने कहा कि, 'हर साल 15 अगस्त का दिन हम सभी के लिये एक नयी प्रेरणा और चुनौती लेकर आता है। हमें इस बार लोकतंत्र और संविधान को मजबूत बनाने के लिये एकजुट होकर आगे आना होगा। आज प्रदेश की तस्वीर आपके सामने है आज के दिन हम संकल्प लें कि हम सच्चाई को पहचानते हुए सच्चाई का साथ देंगे।'

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का ब्यौरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने 15 महीने के सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा भी दिया। उन्होंने कहा, '17 दिसम्बर 2018 को शपथ लेने और 20 मार्च 2020 को इस्तीफा देने के बीच मुझे मुख्यमंत्री के रूप में सिर्फ 15 माह ही काम करने का समय मिला। इतने अल्प समय में हमारी सरकार ने बड़े फैसले लिये इसमें सबसे महत्वपूर्ण प्रदेश के 27 लाख किसानों का कर्ज पहले और दूसरे चरण में माफ़ किया। तीसरे चरण में 1 जून 2020 से लगभग 5 लाख किसानों की कर्ज माफ़ी का प्रावधान किया। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि, 'हमारी सरकार ने प्रदेश के नौजवानों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिये निवेश के लिये विश्वास बनाने का प्रयास किया। मेरा मानना है की निवेश तभी प्रोत्साहित होता है जब विश्वास का माहौल हो। मध्यप्रदेश की एक नयी पहचान और प्रोफाइल बने इसके लिये एक नयी शुरुआत की। हमारे प्रदेश की पहचान माफिया और मिलावटखोर बन गए थे, इनके खिलाफ मेरी सरकार ने सख्ती से अभियान चलाया। आम उपभोक्ताओं को सौ रुपयों में सौ यूनिट बिजली, किसानों को सिंचाई पंप लगाने और बिजली कनेक्शन की राशि कम करने, कन्या विवाह की राशि बढाकर 51 हजार रुपए करने और बुजुर्गों की पेंशन राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने का निर्णय लिया जिसका लोगों को काफी लाभ मिला।

मेरा सपना मध्यप्रदेश की विशेष पहचान बने

इस दौरान कमलनाथ ने बताया कि उनका सपना मध्यप्रदेश की एक विशिष्ट पहचान बनाने का है। उन्होंने कहा, 'मेरा सपना है की मध्यप्रदेश की एक विशेष पहचान बने, हमारा प्रदेश समृद्ध और विकसित हो। मेरी सरकार ने प्रदेश और जनता के हित में जो योजनाएं शुरू की थी वे अधूरी हैं। खुशहाली लाने का दौर जो हमने शुरू किया था वह रुक गया है। मेरे सपनों का मध्यप्रदेश, एक नया मध्यप्रदेश बनाने का मैं आज पुनः संकल्प लेता हूं।