MP Oxygen Crisis: एमपी के अस्पतालों में लापरवाही के खिलाफ एमएलए आरिफ मसूद के नेतृत्व में सड़कों पर उतरा जनसैलाब

Congress protest: कोरोना पीड़ितों का इलाज निःशुल्क करने की मांग, सीएम आवास की ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कूच, पुलिस ने रोकने के लिए किया बलप्रयोग, दर्जनों लोग गिरफ्तार

Updated: Sep 28, 2020 07:43 PM IST

MP Oxygen Crisis: एमपी के अस्पतालों में लापरवाही के खिलाफ एमएलए आरिफ मसूद के नेतृत्व में सड़कों पर उतरा जनसैलाब
Photo Courtsey : Twitter

भोपाल। मध्यप्रदेश में ऑक्सीजन की कमी और अस्पतालों की लापरवाही को लेकर भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में सोमवार (28 सितंबर) को हज़ारों की संख्या में रेतघाट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान वह एकत्रित होकर सीएम आवास की ओर कूच करने लगे जिसके बाद कमलापार्क पर भारी पुलिसबल ने प्रदर्शनकारियों को रोका। इस दौरान दर्जनों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर भोपाल की पुरानी जेल भेज दिया गया। 

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग थी की प्रदेश के कोरोना पीड़ितो मरीजों को उचित इलाज मुहैया किया जाए व निजी अस्पतालों में भी सरकार अपनी तरफ से निःशुल्क इलाज की व्यवस्था कराए। साथ अस्पतालों की लूट को रोका जाए और अस्पतालों की लापरवाहियों पर करवाई की जाए। 

इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधायक आरिफ मसूद ने बताया कि अस्पतालों में कोरोना मरीज के इलाज में घोर लापरवाही की जा रही है और डॉक्टरों द्वारा गंभीर बीमारियों जैसे हार्ट, किडनी और लिवर के मरीजों को कोरोना होने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी कारण मृत्यु दर बढ़ रही है। वहीं कमिशनखोरी में 1 करोड़ 21 लाख के थर्मामीटर, मास्क 5 करोड़ 63 लाख, सेनिटाइज़र 5 करोड़ 58 लाख एवं ग्लव्ज़ 5 करोड़ 45 लाख रूपये के खरीदे गए हैं।' उन्होंने प्रदेश की शिवराज सरकार से पूछा है कि इन चीजों का कहां इस्तेमाल हुआ और इसकी जानकारी क्यों नहीं सार्वजनिक की जा रही है?

 

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, 'प्रदेश में कोरोना से 1 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं बावजूद इसके शिवराज सरकार कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रही है और स्वास्थ्य सेवाऐं सही तरह से काम नहीं कर पा रही है।' उन्होंने कहा, 'सरकारी अस्पतालों की हालत और भी खराब हैं। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी है क्योंकि प्रदेश में ऑक्सीजन की काला बाजारी हो रही है। कोविड-19 के इलाज में उपयोग में आने वाली जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है। शासन की लापरवाही के चलते बाजारों में इस तरह की दवाइयां खुलेआम महंगी कीमतों पर बिक रही हैं। साथ ही अस्पतालों में रखे शवों को चूहे कुतर रहे हैं, स्ट्रेचर पर रखे शव अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से कंकाल बन रहे हैं।'

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उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है कि कोरोना इलाज के नाम पर सरकार भ्रष्टाचार कर रही है। उन्होंने कहा, 'इलाज के नाम पर शिवराज सरकार अभी तक 9 बार में 7 हज़ार करोड़ रुपए का कर्जा ले चुकी है और 10 वीं बार 1 हज़ार करोड़ का कर्ज ले रही है। यह रकम कहां खर्च हुई इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।'

 

उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से कोरोना पीड़ितों का इलाज निःशुल्क करने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा, 'सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को कोविड-19 के इलाज के लिए अनुमति दी गई है लेकिन निजी अस्पताल कोरोना से पीड़ित असहाय लोगों का इलाज महंगी रकम लेकर कर रहे हैं। एक गरीब व्यक्ति जो कि 3 माह के लॉकडाउन में परेशान रहा हो वह व्यक्ति 5 से 7 लाख रूपये का इलाज निजी अस्पतालों में कैसे करा पाएगा इसकी सरकार को चिंता नहीं है।'

बता दें मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण का फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं इलाज में लापरवाही और  ऑक्सीजन की किल्लत की रिपोर्ट्स लगातार आ रही हैं।