सभाओं पर करोड़ों खर्च, गरीब तड़प रहे हैं, उमा भारती ने अस्पतालों की दुर्दशा पर जताया गुस्सा

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार को घेरा, कहा- सभाओं पर करोड़ों खर्च हो रहें हैं और सरकारी अस्पतालों में गरीब लोग तड़प रहे हैं। यह असमानता हमारे लिए शर्मनाक है।

Updated: Jun 13, 2023, 07:04 PM IST

सभाओं पर करोड़ों खर्च, गरीब तड़प रहे हैं, उमा भारती ने अस्पतालों की दुर्दशा पर जताया गुस्सा

भोपाल। मध्य प्रदेश में शासकीय अस्पतालों की दुर्दशा जगजाहिर है। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपनी ही सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। उमा भारती ने सीएम चौहान को निशाने पर लेते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में सभाओं पर करोड़ों खर्च हो रहें हैं और सरकारी अस्पतालों में गरीब लोग तड़प रहे हैं। यह असमानता हमारे लिए शर्मनाक है।

राज्य में शराबबंदी को लेकर उमा भारती अब बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर आर पार की लड़ाई के मूड में हैं। उमा भारती ने पिछले दिनों अस्वस्थ होने पर बंसल अस्पताल और स्मार्ट सिटी अस्पताल में इलाज के अनुभव बताते हुए लिखा कि, "एक महीने पहले अपने अस्वस्थ होने की सूचना एवं डॉक्टरों द्वारा विश्राम की सलाह के बारे में मैंने आपको अवगत कराया है। मैंने परसों अपने सारे चेकअप बंसल अस्पताल में कराए हैं, इसके पहले मैं 20 मई की रात 11:00 बजे अस्वस्थ होने पर स्मार्ट सिटी अस्पताल में कुछ घंटों के लिए भर्ती हुई थी।"

उन्होंने आगे लिखा कि, "मैं कभी भी अपना इलाज प्राइवेट अस्पतालों में नहीं कराती, लेकिन मजबूरी में ऐसी स्थिति बनी थी कि प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ा। लेकिन अखबारों में विदिशा के जिला अस्पताल में आईसीयू यूनिट में एसी नहीं होने और मरीजों के गर्मी से तड़पने की खबर पढ़ी। जब विदिशा में ये हाल है तो मुझे लगता है कि पूरी प्रदेश में भी ऐसे ही हालत हो। निजी अस्पतालों और विदिशा जैसे सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं में इतना बड़ा अंतर मानव जाति के साथ बहुत बड़ा अपराध है।"

उमा भारती आगे लिखती हैं कि, "मैं मध्य प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों से अपील करती हूं कि आप लोग अपना इलाज किसी इमरजेंसी के अलावा सरकारी अस्पताल में ही कराइए। हमारी सभाओं पर करोड़ों खर्च हो रहें हैं और सरकारी अस्पतालों के बर्न यूनिट और आईसीयू में ए.सी. के अभाव में गरीब लोग, जिनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक है, तड़प रहे हैं। यह असमानता हमारे लिए शर्मनाक है।"

भाजपा नेत्री ने एक अन्य ट्वीट थ्रेड में सीएम शिवराज को नसीहत देते हुए लिखा है कि, "प्राइवेट अस्पताल और सरकारी अस्पताल के भयावह अंतर ने मुझे फिर बेचैन कर दिया है। चुनाव में अब 4 महीने बाकी हैं। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को ठीक किया जा सकता है। जो हाल सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल के अंतर का है। सरकारी स्कूल और प्राइवेट स्कूल का है। गरीब आदमी प्राइवेट अस्पतालों व प्राइवेट स्कूलों की फीस भरने में असमर्थ है।"