डबरा उपचुनाव रिजल्ट: मेरे साथ हुआ भितरघात, हार के बाद बोलीं इमरती देवी

Imarti Devi: मेरी जीत हुई है हार नहीं, मेरे कारण डबल हुए बीजेपी के वोट, अगली बार भारी मतों से जीतूंगी

Updated: Nov 11, 2020, 06:07 PM IST

डबरा उपचुनाव रिजल्ट: मेरे साथ हुआ भितरघात, हार के बाद बोलीं इमरती देवी
Photo Courtesy: Zee News

डबरा। मध्य प्रदेश उपचुनाव के दौरान सबसे चर्चित उम्मीदवारों में शामिल इमरती देवी ने अपनी हार के बाद बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाली इमरती देवी ने कहा कि उनके साथ भितरघात हुआ, इसीलिए वे चुनाव हार गईं। साथ ही उन्होंने ये दावा भी किया कि उनके आने से बीजेपी के वोट डबल हो गए हैं। इमरती देवी ने कहा कि इन हालात में वे अपनी हार को भी जीत ही मान रही हैं।

उपचुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद इमरती ने मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा, 'डबरा सीट कांग्रेस की रही है, चाहे वह लोकसभा हो या विधानसभा चुनाव हो। लेकिन मेरे आने से यहां बीजेपी के वोट दुगने हो गए। डबरा में पहले जिस बूथ पर बीजेपी को 4 वोट मिलते थे वहां इसबार 400 वोट प्राप्त हुए हैं। ऐसे में मैं चुनाव हारी नहीं हूं, बल्कि मेरी तो जीत हुई है।'

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इस दौरान इमरती देवी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरोत्तम मिश्रा का बचाव भी किया। उन्होंने कहा, 'दुनिया कुछ भी कहती रहे पर मेरे लिए महाराज सिंधिया जी और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा जी ने बहुत काम किया है और मेहनत की है।' बीजेपी उम्मीदवार ने अपनी गलतियों को भी स्वीकार किया है। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी हार की जिम्मेदारी लेती हूं और जनता के फैसले को स्वीकार करती हूं। मानती हूं मुझसे कुछ गलतियां हुई होंगी जिसके कारण मुझे हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन अगली बार अगर मुझे पार्टी टिकट देगी तो मैं लड़ूंगी और भारी मतों से जीतूंगी।'

समधी ने ही हराया चुनाव

दिलचस्प बात यह है कि इमरती देवी को उनके समधी और कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश राजे ने ही पटखनी दी है। चुनाव अधिकारी के मुताबिक राजे ने इमरती को 7,633 मतों से पराजित किया। इमरती को 68,056 मत प्राप्त हुए वहीं सुरेश 75,689 वोट लाने में सफल रहे। बता दें कि सुरेश राजे ने 2018 में इमरती देवी के कहने पर ही बीजेपी छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ली थी और अब उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर इमरती को ही पटखनी दे दी है। सुरेश राजे इसके पहले 2013 के विधानसभा चुनाव भी इमरती देवी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन तब इमरती कांग्रेस में थी और सुरेश बीजेपी में थे।

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विवादित बयानबाजी के कारण सियासत के केंद्र में रहती हैं इमरती

इमरती देवी मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान एक गांव में कहा था कि "कलेक्टर हमारे हैं, तो चुनाव हम ही जीतेंगे। इमरती के इस बयान की वजह से बीजेपी को काफी किरकिरी झेलनी पड़ी थी। इसके पहले इमरती की कोरोना को लेकर भी टिप्पणी खूब वायरल हुई थी। उस दौरान इमरती ने कहा था कि वह मिट्टी और गोबर में पैदा हुई हैं ऐसे में कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। 

आइटम शब्द भी नहीं आया काम

मध्य प्रदेश उपचुनाव में प्रचार अभियान के दौरान इमरती अचानक से तब देशभर की सुर्खियों में आईं जब कांग्रेस नेता कमलनाथ ने उन्हें 'आइटम' कह दिया था। इस बात को लेकर बीजेपी ने खूब बवाल किया और सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत तमाम नेताओं ने अपने भाषणों में बार-बार इसका ज़िक्र करके इसे महिला अस्मिता से जोड़ने का प्रयास किया था। हालांकि, इसके बाद इमरती देवी खुद भी कमलनाथ की स्वर्गवासी मां और बहन को बंगाली आइटम कहकर विवाद में घिर गई थीं। बहरहाल, ये तमाम विवाद भी इमरती देवी को चुनाव नहीं जिता पाए।

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सिंधिया के लिए कुएं में भी कूद सकती हैं इमरती

इमरती देवी ज्योतिरादित्य सिंधिया की काफी भरोसेमंद मानी जाती हैं। इसकी वजह यह है कि माधवराव सिंधिया ही उन्हें राजनीति में लेकर आए थे। डबरा से विधायक रहते हुए इमरती ने एक बार यहां तक कह दिया था कि सिंधिया अगर कहेंगे तो मैं झाड़ू लगाने को भी तैयार हूं। वह जब सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल होने वाली थीं तब उन्होंने बेंगलूरु में कहा था कि सिंधिया के कहने पर मंत्री पद छोड़ना तो छोटी बात है वे तो उनके कहने पर कुएं में भी कूद सकती हैं।