दमोह उपचुनाव: प्रचार से दूर किए जाने पर नाराज हुए सिंधिया, गुस्से में निजी यात्रा को रद्द करने की चर्चा

बीजेपी में एक बार फिर सिंधिया की उपेक्षा की खबरें, पहले स्टार प्रचारकों की सूची में दसवें स्थान पर धकेला, अब चुनाव प्रचार करने पर लगी रोक, नाराज सिंधिया ने ग्वालियर क्षेत्र का दौरा रद्द किया

Updated: Apr 05, 2021, 11:09 PM IST

दमोह उपचुनाव: प्रचार से दूर किए जाने पर नाराज हुए सिंधिया, गुस्से में निजी यात्रा को रद्द करने की चर्चा
Photo Courtsey : One India

भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी में एक बार फिर अनबन होने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर पार्टी हाईकमान से नाराज हो गए हैं। सियासी गलियारों में इस बात को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाए जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि सिंधिया के चुनाव प्रचार तक में आने पर रोक लगा दिया गया था, जिस वजह से खफा होकर उन्होंने अपने कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।

मामले पर मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया है कि, 'चर्चा ज़ोरों पर है कि दमोह उपचुनाव में प्रचार के लिये नहीं बुलाने से नाराज व अपनी किरकिरी से बचने के लिये श्रीमंत ने अपना 4-5 अप्रैल का ग्वालियर क्षेत्र का दौरा ही निरस्त कर दिया है। वैसे भी उनके इस दौरे में दमोह प्रचार का कोई कार्यक्रम नहीं था, प्रदेश में चुनाव और महाराज महल में?' 

सियासी जानकारों का मानना है कि सिंधिया के नाराज होने के पीछे दो वजहें हैं। एक तो स्टार प्रचारकों की सूची में उन्हें 10वें स्थान पर धकेल दिया गया, उसके बाद अब चुनाव प्रचार अभियान से भी दूर रहने के निर्देश दे दिए गए। माना जा रहा है कि कांग्रेस द्वारा गद्दार और बिकाऊ करार दिए जाने के बाद सिंधिया की छवि को नकारात्मक मानते हुए बीजेपी चाहती है कि उनके बिना ही चुनाव प्रचार किया जाए। ताकि कांग्रेस को गद्दार और बिकाऊ वाले मुद्दे पर ज्यादा बोलने का मौका न मिल पाए। उधर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी कोरोना का हवाला देते हुए अपने दौरे रद्द कर दिए हैं।

यह भी पढ़ें: हेमंत बिस्वा के बाद अब नरेंद्र मोदी और अमित शाह को भी बैन करने की मांग तेज

राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, समेत छिंदवाड़ा, जबलपुर, रतलाम, निवाड़ी जैसे कई मुख्य शहरों में कोरोना वायरस का कहर बढ़ गया है, और फिर भी, मुख्यमंत्री शिवराज का दौरा इन इलाकों में जारी है। 5 अप्रैल को पोहरी और मुंगावली में मुख्यमंत्री के बड़े कार्यक्रम होने थे। प्रदेश के कई शहरों में लॉकडाउन के बावजूद सीएम शिवराज को अपने कार्यक्रमों को लेकर किरकिरी का सामना करना पड़ा रहा था। मामला तूल पकड़ते देख उन्होंने भी अपने दौरे को रद्द कर दिया है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सिंधिया और शिवराज के दौरे रद्द होने को साझा फैसला के तौर पर बताया जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक जानकार इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। इसके पीछे तर्क यह है कि सिंधिया का दौरा निजी था और सीएम शिवराज सार्वजनिक शिलान्यास कार्यक्रमों में शरीक होने वाले थे।