ग्वालियर: मरीज़ की मौत के बाद डेथ सर्टिफिकेट मांगना डॉक्टरों को नहीं आया रास, परिजनों को अस्पताल में ही दौड़ा दौड़ा कर पीटा

मारपीट के दौरान पुलिस भी वहां मौजूद थी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी पहुंचे, लेकिन मंत्री के पहुंचने पर भी डॉक्टरों के तेवर कम नहीं हुए

Publish: May 02, 2021, 08:49 AM IST

ग्वालियर: मरीज़ की मौत के बाद डेथ सर्टिफिकेट मांगना डॉक्टरों को नहीं आया रास, परिजनों को अस्पताल में ही दौड़ा दौड़ा कर पीटा
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

ग्वालियर। शनिवार शाम ग्वालियर के एक अस्पताल में कोरोना वॉरियर्स कहे जाने वाले डॉक्टर वॉरियर्स में तब्दील हो गए। मरीज़ के परिजनों द्वारा डेथ सर्टिफिकेट मांगा जाना डॉक्टरों को इतना खटक गया कि उन्होंने मरीज़ के परिजनों को अस्पताल परिसर में दौड़ा दौड़ा कर पीटा। डॉक्टरों की एक पूरी टोली परिजनों पर लाठी डंडे लिए बरस गई। 

इतना ही नहीं मारपीट के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद थी। सूचना मिलने के थोड़ी देर बाद ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी वहां पहुंच गए। लेकिन इसके बाद बावजूद डॉक्टरों के तेवर कम नहीं हुए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे अजीब बात यह हुई कि खुद लाठी डंडे लेकर असहाय परिजनों पर बरसने वाले डॉक्टर ऊर्जा मंत्री से खुद की सुरक्षा की मांग करने लगे। 

यह सारा घटनाक्रम ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल की है। शनिवार शाम को इस अस्पताल में दो महिलों की मौत हो गई। पहली मौत जब हुई तब परिजनों ने डॉक्टरों पर मरीज़ को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। परिजनों के हंगामे के बाद अस्पताल में पुलिस बुला ली गई। इसके थोड़ी ही देर बाद एक अन्य महिला की भी मौत हो गई। मृतक रजनी के परिजनों ने जब डॉक्टरों से डेथ सर्टिफिकेट मांगी, तब वे इतने आग बबूला हो गए कि मृतक के परिजनों पर ही बरस गए। 

पहले तो परिजनों और डॉक्टरों में जमकर बहस हुई लेकिन थोड़े ही अंतराल के बाद इस बहस को झगड़े में तब्दील होते देर नहीं लगी। अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने लाठी और डंडों से मृतक के भाई और बहन समेत अन्य परिजनों को जमकर पीटा। हैरानी भरी बात यह थी कि इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस भी अस्पताल में मौजूद थी। लेकिन वह भी बीच बचाव नहीं कर सकी। सूचना मिलने पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मौके पर पहुंचे, तब भी डॉक्टरों के तेवर कम नहीं हुए। उल्टा डॉक्टरों ने ही ऊर्जा मंत्री से अपनी सुरक्षा की मांग कर डाली। बाद में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी में ही परिजन मृतक के शव को अस्पताल से ले जा सके।