बेरोज़गार इंजीनियर ने पत्नी के साथ खाया ज़हर, टाइल्स कटर से रेता बच्चों का गला, इंजीनियर और बेटे की हुई मौत

भोपाल के मिसरौद थाना क्षेत्र का मामला, आर्थिक तंगी से परेशान थे पति पत्नी, लॉकडॉउन में चली गई पति की नौकरी, पत्नी का भी ब्यूटी पार्लर हो गया था बंद, काफी दिनों से डिप्रेशन का शिकार थी पत्नी

Updated: Aug 28, 2021, 07:20 PM IST

बेरोज़गार इंजीनियर ने पत्नी के साथ खाया ज़हर, टाइल्स कटर से रेता बच्चों का गला, इंजीनियर और बेटे की हुई मौत

भोपाल। शनिवार सुबह सुबह राजधानी भोपाल में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजधानी के मिसरौद थाना क्षेत्र में पति पत्नी ने पहले खुद ज़हर खाया और फिर उसके बाद टाइल्स कटर से अपने बच्चों का गला रेत दिया। हत्या और आत्महत्या के इस मामले में इंजीनियर पति और बेटे की मौत हो गई। जबकि पत्नी और बेटी की हालत नाज़ुक बनी हुई है। 

पेशे से इंजीनियर रवि ठाकरे अपनी पत्नी रंजना, 16 वर्षीय बेटे चिराग और 14 वर्षीय बच्ची गुंजन ठाकरे के साथ मिसरौद थाना क्षेत्र स्थित मल्टी सहारा स्टेट में रहा करते थे। शनिवार सुबह रंजना ज़हर खाने के बाद अपने पड़ोसी अजय अरोड़ा के घर गईं। अजय अरोड़ा को रंजना ने पूरी बात बताई। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस आनन फानन में इंजीनियर के घर पहुंची। 

इंजीनियर के घर पहुंचने के बाद पुलिस घर का दरवाजा तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुई। रवि ठाकरे बेहोश पड़े हुए थे, उनके मुंह से झाग निकल रहा था। वहीं दोनों बच्चों का शरीर भी खून से लथपथ पड़ा हुआ था। जल्द ही रंजना भी बेसुध होकर गिर पड़ी। पुलिस ने तत्काल ही चारों को हमीदिया अस्तपाल पहुंचाया। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद पति और बेटे चिराग को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं रंजना और गुंजन को बचाने की कोशिश जारी है। फिलहाल दोनों की हालत नाज़ुक बनी हुई है। 

पुलिस को रवि के घर में खून से सने हुए टाइल्स कटर मिले थे। जिसके बाद से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ज़हर खाने के बाद दोनों बच्चों का गला इन्हीं टाइल्स कटर से रेता गया है। आत्महत्या के पीछे परिवार की आर्थिक तंगी को बड़ा कारण माना जा रहा है।

 रिपोर्ट्स के मुताबिक रवि गोविंदपुरा स्थित किसी निजी फर्म में सिविल इंजीनियर थे। लॉकडाउन के दौरान उनकी नौकरी चली गई थी। पत्नी रंजना भी ब्यूटी पार्लर का संचालन करती थी। लेकिन उसका कोरोना काल में रंजना का ब्यूटी पार्लर भी बंद पड़ गया था। जिसके बाद से ही रंजना डिप्रेशन का शिकार हो गई थी। आर्थिक तंगी और डिप्रेशन के कारण एक हंसते खेलते परिवार ने खुद को उजाड़ लिया।