ग्वालियर: जल संकट से जूझ रहे रहवासियों का टूटा सब्र का बांध, निगम के इंजीनियर्स को बनाया बंधक

स्थानीय लोगों ने इंजीनियर्स को एक घर में बैठा दिया और कहा कि जब तक समस्या का हल नहीं निकलता आपको छोड़ा नहीं जायेगा। इस दौरान कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक भी लोगों के साथ खड़े दिखे। उन्होंने ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया।

Updated: Oct 11, 2022, 11:04 AM IST

ग्वालियर: जल संकट से जूझ रहे रहवासियों का टूटा सब्र का बांध, निगम के इंजीनियर्स को बनाया बंधक

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पेयजल संकट बरकरार है। शहर को पानी पिलाने वाला तिघरा डैम ओवरफ्लो हो रहा है, बावजूद पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। इससे परेशान रहवासियों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया। इसके बाद आक्रोशित रहवासियों नगर निगम के दो इंजीनियर्स को बंधक बना लिया। करीब साढ़े चार घंटे बाद लोगों ने उन्हें मुक्त किया।

दरअसल, ग्वालियर दक्षिण से कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक अपने विधानसभा क्षेत्र में स्वच्छता यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान वार्ड 35 के लोगों ने उन्हें पानी की समस्या बताते हुए नाराजगी जताई। इस दौरान क्षेत्रीय पार्षद भी मौजूद थे। रहवासियों ने कहा कि हम जल संकट से जूझ रहे हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारी सुनते ही नहीं हैं। विधायक प्रवीण पाठक ने नगर निगम पीएचई के AE केसी अग्रवाल और JE  अवनीश गुप्ता को मौके पर बुलवाया। पाठक ने जब उनसे समस्या के निराकरण को लेकर सवाल किया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसी बात पर वहां मौजूद लोग भड़क गए और दोनों को बंधक बना लिया।

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रहवासियों ने ने इंजीनियर्स को एक घर में बैठा दिया और कहा कि जब तक समस्या का हल नहीं निकलता आपको छोड़ा नहीं जायेगा। कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक भी जनता के फैसले के साथ थे। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल से मैं लगातार निगम कमिश्नर को पत्र लिख रहा हूँ लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

विधायक प्रवीण पाठक ने इस दौरान मीडिया से कहा कि ये बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि ग्वालियर नगर निगम के अधिकारी दक्षिण विधानसभा के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ग्वालियर की जनता को अब इस तरह से बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी कि कहां सत्तापक्ष का विधायक है और कहां कांग्रेस का?

कांग्रेस विधायक ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यहां की जनता ने तय कर लिया है कि दोनों इंजीनियर्स को तब तक छोड़ा नहीं जायेगा तब तक कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती। उन्होंने निगम अधिकारियों को चेतावनी दी कि अभी तो ऐसा एक वार्ड में हुआ है, लेकिन निगम के अधिकारी नहीं सुधरे तो ग्वालियर दक्षिण विधानसभा के हर वार्ड में ऐसा ही होगा।

मामला बिगड़ता देख नगर निगम के अधिकारियों ने वार्ड 35 में पानी की लाइन का काम शुरू कराया तब कहीं करीब साढ़े चार घंटे बाद जनता ने इंजीनियर्स को मुक्त किया। बंधक बने AE केसी अग्रवाल ने बताया कि वार्ड 35 में पानी की समस्या कोई लेकर बुलाया गया था, हम समस्या का निराकरण 15 दिन में कर देंगे। हमें लोगों ने वहीं रोक लिया था। वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दे दी गई है।