BJP शासित MP में गौवंशो की दुर्दशा, 150 गायों को हजारों फीट गहरी खाई में ढकेला, हड्डियां चकनाचूर

रीवा में करीब 150 गायों को हजारों फीट गहरी खाई में धकेला, चूर-चूर हुई हड्डियां, 30 गायों की मौत, जीवन और मौत से जूझ रही हैं 50 गायें, आरोपियों को सत्तारूढ़ बीजेपी नेताओं का संरक्षण

Updated: Oct 09, 2021, 11:54 AM IST

BJP शासित MP में गौवंशो की दुर्दशा, 150 गायों को हजारों फीट गहरी खाई में ढकेला, हड्डियां चकनाचूर
Photo Courtesy: Rewariyasat

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा से पशु क्रूरता की दिल दहलाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां करीब डेढ़ सौ गायों को हजारों फीट गहरी खाई धकेले जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि गहरे खाई में गिरने से सैंकड़ों गायों की हड्डियां चकनाचूर हो गई। इनमें करीब 30 गायों की मौत हो गई वहीं 50 के करीब गाय जीवन और मौत से जूझ रहीं हैं। बताया जा रहा है कि इस निर्मम घटना को अंजाम देने वाले दरिंदों को बीजेपी के बड़े नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।

मामला रीवा जिले के गढ़ थाना अंतर्गत लाल गांव चौकी का है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने इलाके में घूमने वाले आवारा गौवंशो को इकट्ठा कर 27 सितंबर को रेहवा घाटी के नीचे धकेल दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक हजारों फीट गहरी घाटी में गिरने के बाद गायों की हड्डियां चकनाचूर हो गई और दर्जनों गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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मामले पर एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने हम समवेत को बताया कि वे स्थानीय लोगों की मदद से गायों का रेस्क्यू करने घाटी में गए हैं। द्विवेदी के मुताबिक गौवंशो की पैर की हड्डियां टूट चुकी है और खाई इतनी गहरी है कि उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं है। द्विवेदी के मुताबिक अबतक 2-3 गायों का ही रेस्क्यू किया जा सका है। वे बताते हैं की चट्टानों पर गिरने के कारण गायों की स्थिति बेहद नाजुक है, लेकिन विडंबना ये है कि उन्हें आंखों के सामने दम तोड़ता देखने के सिवाय कोई और विकल्प नहीं है। 

शिवानंद द्विवेदी ने कहा, 'हिंदू धर्म के लोग गाय को माता मानते हैं, लेकिन यह एक ढोंग है। हकीकत यही है जो मैं देख रहा हूं। गायों की इस तरह निर्मम हत्या हो रही है, लेकिन गाय के नाम पर सरकार बनाने वाली बीजेपी आरोपियों को बचाने में लगी हुई है।' द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराओं में एफआईआर की है और 10 बीत जाने के बाद भी किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। क्योंकि इस बर्बर घटना को अंजाम देने वाले लोग बीजेपी सांसद और विधायकों के करीबी हैं।

चुनावी क्षेत्रों में ही गाय बीजेपी के लिए माता: यूथ कांग्रेस

मामले पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद जाट ने कहा कि, 'BJP गाय को सिर्फ राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल करती है। वास्तव में गौवंश के दुखों से उनका कोई लेना देना नहीं है। जहां चुनाव होते हैं वहां गाय माता है, बाकी जगह पर बीफ खाने में इनका कुछ नहीं जाता है। कमलनाथ सरकार ने प्रदेश में गौ माता को आश्रय दिया था लेकिन आज BJP की शासन में गौमाता सड़कों पर सहारा ढूंढ रहीं हैं और धक्के खाने को मजबूर हैं।' 

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आनंद जाट ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिन दंगाइयों में इंसानों के जीवन को लेकर कोई संवेदना नहीं है वे गाय को लेकर संवेदनशील कैसे हो सकते हैं? युवा नेता ने कहा कि रीवा की घटना बेहद निंदनीय है और कांग्रेस मांग करती है कि इसमें शामिल सभी लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कड़ी से कड़ी करवाई की जानी चाहिए। बता दें कि रीवा में ये इस तरह का पहला मामला नहीं है। अभी दो हफ्ते पहले ही खबर आई थी कि यहां करीब 60 गायों को नहर में धकेल दिया था। हालांकि, तब रीवा कलेक्टर ने दावा किया था कि सभी गायों को रेस्क्यू कर लिया गया है। 

मध्य प्रदेश सरकार में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम लागू है, जिसके तहत गौहत्या करने पर आरोपी के खिलाफ 10 साल की सजा और आर्थिक दंड देने का प्रावधान है। लेकिन रीवा की घटना में इस अधिनियम के बजाए पशु को मामूली चोट पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि यह स्पष्ट रूप से गौहत्या का मामला है। सवाल यह भी है कि शिवराज सरकार गौशालाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती तो फिर इतने आवारा गाय कैसे आएं। यह घटना सरकारी फंड के दुरुपयोग और बंदरबांट की भी पोल खोलती है।