MP के यूनिवर्सिटी ने एग्जाम में पूछा पाकिस्तानी संविधान की विशेषता, कांग्रेस बोली- शिवराज जी! पाकिस्तान से इतना प्रेम क्यों

मध्यप्रदेश के भोज यूनिवर्सिटी में बीए सेकंड ईयर के लिए पॉलिटिकल साइंस के सवाल में पूछा पाकिस्तानी संविधान की विशेषता, कांग्रेस विधायक बोले- क्या शिवराज प्रदेश में आतंकवाद का पाठ पढ़ाना चाहते हैं

Updated: Jul 12, 2021, 05:20 PM IST

MP के यूनिवर्सिटी ने एग्जाम में पूछा पाकिस्तानी संविधान की विशेषता, कांग्रेस बोली- शिवराज जी! पाकिस्तान से इतना प्रेम क्यों
Photo Courtesy : Patrika

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भोज यूनिवर्सिटी के एक प्रश्नपत्र के वजह से राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है। भोज विश्वविद्यालय के एक प्रश्नपत्र में पाकिस्तानी संविधान की विशेषता पूछी गई है। मामले पर विपक्ष ने सीएम से पूछा है कि क्या वे प्रदेश के बच्चों को आतंकवाद का पाठ पढ़ाना चाहते हैं।

भोज यूनिवर्सिटी के बीए सेकंड ईयर के पॉलिटिकल साइंस के प्रश्नपत्र में पूछा गया है कि पाकिस्तान के संविधान की संक्षिप्त विशेषताएं बताएं। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए सीएम शिवराज से पूछा है कि पकिस्तान से उन्हें इतना प्रेम क्यों है?' उन्होंने यह भी कहा है कि सीएम इसके लिए देशवासियों से माफी मांगें। 

मामले पर कुणाल चौधरी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि, 'क्या सीएम शिवराज मध्यप्रदेश के लोगों को आतंकवाद पढ़ाना चाहते हैं? क्या वे घृणा और नफरत का पाठ पढ़ाना चाहते हैं? क्या वे कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाना चाहते हैं? इस देश में जहां के लोग आतंक फैलाते हैं, उनकी वजह से पुलवामा में हमारे जवान शाहिद होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी उसी पाकिस्तान में जाकर बिरयानी खाते हैं, और सीएम शिवराज उस देश की विशेषता पढ़ाते हैं। 

इस घटना को लेकर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने भी आक्रोश व्यक्त किया है। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रवक्ता सुहृद तिवारी ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पाकिस्तान परस्त करार दिया है। तिवारी ने कहा, 'साध्वी प्रज्ञा जैसे आतंकी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को रखने वाली पार्टी और उस विचारधारा के कुलपति से और क्या उम्मीद की जा सकती है। इन गांधी के हत्यारों के मंसूबे यही हैं कि भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान को तहस-नहस कर भारत में भी पाकिस्तानी कट्टरपंथी संविधान स्थापित कर दिया जाए।

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मामले पर भोज यूनिवर्सिटी के कुलपति जयंत सोनवलकर ने इसे परीक्षा विभाग की गलती करार दिया है। सोनवलकर ने हमसमवेत से बातचीत के दौरान कहा की, 'मामला संज्ञान में आते ही हमने तत्काल प्रश्नपत्र बनाने वाले प्रोफेसर को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। भविष्य में यूनिवर्सिटी संबंधित प्रोफेसर को कोई भी प्रश्नपत्र बनाने की जिम्मेदारी नहीं देगी।'