MP By Elections: चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कमलनाथ

Kamal Nath: कमलनाथ ने याचिका में कहा, मेरे वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया, आयोग ने शुक्रवार को छीना था स्टार प्रचारक का दर्जा

Updated: Oct 31, 2020, 08:19 PM IST

MP By Elections: चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कमलनाथ
Photo Courtesy: The Indian Express

नई दिल्ली। चुनाव आयोग के द्वारा स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर किए जाने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कांग्रेस नेता ने कोर्ट में याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती दी है। कमलनाथ ने अपने याचिका में कहा है कि मेरे वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक कमलनाथ ने अपने याचिका में कहा है कि किसी व्यक्ति को स्टार प्रचारक के रूप में नामित करना पार्टी का अधिकार है और चुनाव आयोग पार्टी के फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। चुनाव आयोग का निर्णय अभिव्यक्ति और आवागमन के बुनियादी अधिकार का उल्लंघन है। चुनाव आयोग नोटिस देने के बाद फैसला कर सकता है, लेकिन यहां मुझे कोई नोटिस नहीं दिया गया, इसलिए यह मेरे वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।' कमलनाथ ने अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई कराए जाने का आग्रह भी किया है।

बता दें कि कल ही चुनाव आयोग ने कांग्रेस के सीएम पद के उम्मीदवार कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया था। आयोग ने इस करवाई का कारण कांग्रेस नेता द्वारा बार-बार आदर्श अचार संहिता का उल्लंघन बताया था। चुनाव आयोग ने अपने आर्डर में कहा है कि अब से कमलनाथ ने अगर एक भी चुनाव प्रचार कार्यक्रम में हिस्सा लिया तो उनके दौरे का पूरा खर्च वह उम्मीदवार वहन करेगा जिसके विधानसभा क्षेत्र में प्रचार कार्यक्रम आयोजित होगा।

और पढ़ें: चुनाव आयोग ने कमलनाथ से छीना स्टार प्रचारक का दर्जा, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी पार्टी

चुनाव आयोग के इस फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग का यह फैसला उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर का है। स्टार प्रचारक कौन होगा यह हमारी पार्टी तय करेगी न कि चुनाव आयोग। वहीं कमलनाथ ने कहा कि स्टार प्रचारक न कोई पद है और न ही कोई पोजिशन। आयोग ने आखिरी दो दिनों में ऐसा क्यों किया यह केवल वही जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे प्रचार करने से कोई नहीं रोक सकता और रविवार को भी मैं जनसभाओं को संबोधित करूंगा।