Flood in MP: 6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट

MP Weather Forecast: मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालात, मौसम विभाग ने 6 जिलों में अत्यधिक भारी की चेतावनी जारी की, 47 साल बाद नर्मदा नदी में 29 अगस्त को आई बाढ़

Updated: Aug-30, 2020, 02:15 AM IST

Flood in MP: 6 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट
Photo Courtesy : Patrika

भोपाल। मध्यप्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने 6 जिलों में अति भारी से भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। छिंदवाडा, विदिशा सीहोर, आगर, शाजापुर और रायगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।भोपाल में बीते 24 घंटे में लगातार बारिश हो रही है। शनिवार सुबह 6 बजे तक शहर में 97.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते भदभदा डैम फुल हो जाने से 4 गेट खोले गए हैं।  

आज होशंगाबाद 221.0 मिमी,भोपाल 83.0 मिमी ,रायसेन 51.0 मिमी,पचमढ़ी 67.0 मिमी,शाजापुर 51.0 मिमी, उज्जैन 19.0 मिमी, खंडवा 19.0 मिमी, दमोह 19.0 मिमी,गुना 12.0 मिमी, रतलाम 5.0 मिमी, धार 0.7 मिमी,बैतूल 6.0 मिमी,खरगोन 7.0 मिमी,सागर 2.0 मिमी, जबलपुर 12.1 मिमी,छिंदवाड़ा 20.0 मिमी,इंदौर 10.0 मिमी,सतना 1.0 मिमी,ग्वालियर 11.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

प्रदेश में मानसूनी सिस्टम के बनने के कारण लगातार बारिश का दबाव बना हुआ है। जिसका प्रभाव भोपाल समेत प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में पड़ रहा है। जिसके चलते नरसिंहपुर, जबलपुर, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, बालाघाट, सिवनी में अच्छी बारिश हो रही है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को भी भोपाल में तेज बारिश का अनुमान जताया है। वहीं होशंगाबाद, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालघाट, सिवनी, बैतूल जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया है।

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मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, होशंगाबाद और बैतूल जिलों में अत्यधिक बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। इन जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कटनी, जबलपुर, मंडला, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा, देवास, धार और श्योपुर जिलों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। इन जगहों पर विभाग में आरेंज अलर्ट जारी किया है।

होशंगाबद में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिसकी वजह से निचली बस्तियां खाली करा दी गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। होशंगाबाद में एक दिन में 221.0 मिलीमीटर वर्षा हुई जिससे नर्मदा का जल स्तर बढ़ गया है। सेठानी घाट के ऊपर बने काले महादेव मंदिर तक में नर्मदा का पानी प्रवेश कर गया है। फिलहाल सेठानी घाट पर आने-जाने पर रोक लगाई गई है।  

होशंगाबाद जिले में बाढ़ से हालात बिगड़े, सेना को बुलाया गया

होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने सेना बुलाई है। एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई हैं। शनिवार सुबह 9 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 14 फीट ऊपर चल रहा है।

 47 साल पहले भी 29 अगस्त को आई थी बाढ़

होशंगाबाद में 29 अगस्त 1973 को भी नर्मदा नदी में बाढ़ आई थी। वहीं 29 अगस्त 2020 को भी नर्मदा एक बार फिर से उफान पर है। नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर चल रहा है। कई मोहल्लों में पानी भरने के कारण उन्हे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। सुबह 9 बजे तक नर्मदा का जलस्तर 973 फीट तक पहुंच गया है। जो खतरे के निशान से 6 फीट ऊपर चल रहा है।

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प्रदेश की सभी प्रमुख नादियां उफान पर हैं। नादियों के उफान के कारण कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। वहीं, कई बांधों का जलस्तर बढ़ गया जिस कारण गेट खोलने पड़े हैं। इंदिरा सागर डैम के 12 गेट, ओंकारेश्वर बांध के 21 गेट, तवा के 13 गेट, बारना के 8 गेट और बरगी डैम के 17 गेट खोल दिए गए हैं। शुक्रवार की रात को भीमगढ़ बांध के 10 गेट खोले गए हैं और उनसे 1,25,000 क्यूसेक पानी वैनगंगा नदी में छोड़ा गया है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के चौरई में 41, परासिया में 33, हर्रई में 31, उमरेह में 30, मोहखेड़ा में 29, अमरवाड़ा में 27, छिंदवाड़ा, सोहागपुर में 24, पचमढ़ी में 23, टिमरनी में 22, सिवनी, होशंगाबाद, सौसर में 21, जुन्नारदेव, बिछुआ में 20, नरसिंहपुर, करेली, सिवनी मालवा, शाहपुर में 19, इटारसी, बनखेड़ी, घोड़ाडोंगरी, गौहरगंज में 18, चांद, तामिया, बाबई, मुलताई, डोलरिया, बैतूल में 17 सेमी वर्षा हुई।