Sehore: दो बच्चों की मौत की जिम्मेदार हमारी लापरवाही

MP Children Death: अवैध खनन के कारण भरा पानी और फेंके गए थर्माकोल शीट से खेल रहे दो बच्चे डूबे, इन मासूम की मौत का दोषी कौन

Updated: Sep 03, 2020 03:07 PM IST

Sehore: दो बच्चों की मौत की जिम्मेदार हमारी लापरवाही

सीहोर। अवैध खनन और कहीं भी कचरा फेंक देनी की हमारी लापरवाही एक बार फिर बच्चों की जान की दुश्मन बन गई है। रेत खनन के लिए खोदे गए गढ्ढों ने दो मासूम बच्चों की जान ले ली। दरअसल सीहोर के दुर्गा कालोनी में करोली माता मंदिर के पास फूटे तालाब में बीते 26 अगस्त को दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। 9 साल का राज राठौर और 10 साल का राहुल राठौर यहां तालाब में डूब गए। जबतक उन्हें बचाने की कोशिश की जाती बच्चों की मौत हो चुकी थी। कहने को तो महज यह हादसा लगता है लेकिन इस हादसे का कारण प्रशासनिक लापरवाही है।

दरअसल इस इलाके में जो फूटा तालाब है यहां अवैध खनन का खुला खेल खेला जाता है। यहां रेत खनन के लिए खोदे गए 20-20 फीट गढ्ढों में पानी भरने से अक्सर हादसे होते हैं। लेकिन कई बार प्रशासन के संज्ञान में मामला लाने के बाद भी किसी ने अवैध खनन रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की।

तालाब किनारे फेंका जाता है कंपनियों और अस्पतालों का वेस्ट

वहीं इस इलाके में आए दिन कंपनियों और छोटे लघु उद्योगों का बचा हुआ वेस्ट मटेरियल तालाब किनारे फेंक दिया जाता है। वहीं यहां पर अस्पतालों का मेडिकल वेस्ट भी अक्सर पड़ा दिखाई देता है। यहां तालाब किनारे बड़े बड़े वाहनों में भरकर सामान लाया जाता है और प्रशासन की नाक के नीचे खुले में फेंक दिया जाता है। इनमें दवाइयां, मेडिकल सामान बोरियां, थर्माकोल प्लास्टिक का सामान अक्सर देखा जा सकता है। यही सामान प्रदूषण के साथ-साथ हादसों की वजह बन जाता है। 

थर्माकोल से खेलते हुए पानी में डूबे बच्चे

दुर्गा कॉलोनी निवासी दोनों बच्चों के साथ भी यही हुआ। पास की कॉलोनी से खेलते हुए वो इस सामान के पास आ गए और तालाब के पास पड़े प्लास्टिक और थर्माकोल से खेलने लगे। थर्माकोल पानी में तैराने के लिए आगे बढ़े और अवैध खनन के लिए खोदे गए गढ्ढों में समा गए। दोनों बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की तालाब में डूबने को प्रशासन ने मजह एक हादसा करार दिया है। लेकिन यहां की अव्यवस्था भी उन बच्चों की मौत की वजह है। यहां तालाब की पाल बंधी नहीं है और ना ही किसी तरह के कोई फेंसिंग है। ना ही कोई चेतावनी के लिए बोर्ड लगा है। बच्चों के साथ हुए हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्ट रो ज्ञापन सौंपकर बारिश के दौरान एक सुरक्षा गार्ड की तैनाती की मांग की है।

आर्थिक रूप से कमजोर है परिवार

 गौरतलब है कि दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले ज्यादातर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। एक बच्चे के पिता सिलाई की दुकान में काम करते हैं, वहीं दूसरे बच्चे के पिता मजदूर करके अपना घर चलाते हैं। पड़ोसियों का कहना है कि बच्चे एक दिन पहले थर्माकोल की शीट से खेल रहे थे। पूछने पर बताया कि वह तालाब किनारे पड़े कचरे से वह सामान उठाकर लाए थे। वहीं दूसरे दिन बच्चे एक बार फिर कचरे में खेलने तालाब किनारे पहुंच गए और खेलते खेलते अवैध खनन के लिए खोदे गए गढ्ढे में डूबने से बच्चों की मौत हो गई।

जब बच्चों को खोजते हुए परिजन तालाब किनारे पहुंचे तो थर्मकोल शीट तैरते देखने पर उन्हें हादसे की आशंका हुई। तालाब में बच्चों को खोजा गया, बच्चों का शव बरामद किया गया। बच्चों के परिजनों को ना तो किसी जनप्रतिनिधि ने ढांढस बंधाया है और ना ही प्रशासन की ओर से कोई मदद मिली है। परिजनों की मांग है कि अवैध खनन रोका जाए और वहां पर कंपनियों का वेस्ट मटेरियल वहां ना फेका जाए ताकि किसी और गरीब का बच्चा खिलौने के अभाव में वहां खेलने ना जाए औऱ उसके साथ इस तरह का हादसा ना हो।