पत्नी संग घूमने निकले थे CM शिवराज, भोपाल की जर्जर सड़कों ने बिगाड़ा मूड, सुबह अफसरों पर बरसे

बारिश के बाद गड्ढों से भरी हैं भोपाल की सड़कें, बीती रात सीएम चौहान का हुआ सच से सामना, गड्ढे देख बोले- मैंने कल्पना तक नहीं की थी कि सड़कों की ये दशा है, 15 दिनों में सुधारो।

Updated: Oct 26, 2022, 06:43 PM IST

पत्नी संग घूमने निकले थे CM शिवराज, भोपाल की जर्जर सड़कों ने बिगाड़ा मूड, सुबह अफसरों पर बरसे

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सड़कों का हाल किसी से छिपा नहीं है। ऐसी कोई सड़क नहीं है जहां गड्ढे न हों। अक्सर हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बीती रात सड़कों की सच्चाई से सामना हुआ। इसके बाद सुबह उन्होंने अफसरों की क्लास लगा दी। साथ ही चेतावनी दिया कि 15 दिनों के भीतर सड़कें दुरुस्त नहीं हुई तो कार्रवाई होगी।

दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार रात पत्नी साधना सिंह के साथ नाइट आउट पर निकले थे। लेकिन राजधानी की जर्जर सड़कों ने उनका मूड खराब कर दिया। फिर क्या था सुबह 7 बजे ही उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अफसरों की बैठक बुला ली। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकारा। मुख्यमंत्री ने सख्ती से कहा कि सीवेज और पानी की पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों का रिस्टोरेशन जिन ठेकेदारों ने नहीं किया उन पर कार्रवाई की जाए।

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सीएम चौहान ने कहा कि, 'मैं कल अचानक भोपाल की सड़कों पर निकला। हमीदिया रोड से शाहजहानाबाद होते हुए गुजरा। मुझे कल्पना नहीं थी कि सड़कों की हालत इतनी ज्यादा खराब होगी। आप लोग यह बताएं कि सड़कों की जब राजधानी में इतनी दुर्गति है तो बाकी जगह क्या हालत होगी। अखबार गड्‌ढों की खबरों से भरे पड़े हैं। क्या मैं रोज गड्‌ढों की खबरें ही पढ़ता रहूं, ऐसा थोड़ी चलेगा। हम इतने अकर्मण्य क्यों हैं, समय पर काम शुरू क्यों नहीं करते। कुछ दिक्कत है तो मुझसे कहो। यह मुझे ठीक नहीं लगा। 15 दिन बाद मैं उन्हीं सड़कों पर फिर से निकलूंगा।'

बता दें कि राजधानी में सितंबर तक रूक-रूककर बारिश होती रही। इससे शहर की अधिकतर सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई। वहीं, 28 सड़कें पानी, सीवेज की पाइप लाइन समेत अन्य काम के लिए खोदी गई। उनका रेस्टोरेशन ही ठीक से नहीं किया गया। इससे वह जर्जर हालत में है। इसे लेकर पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के बीच लंबे समय से पत्र व्यवहार हो रहा है। लेकिन सड़क सुधारने की दिशा में कोई प्रगति नहीं है।

प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी यही स्थिति है। शिवराज सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तो गुस्से में आकर जूते-चप्पल त्याग दिए हैं। उन्होंने प्रण लिया है कि जब तक उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़क नहीं बन जाती तब तक वे नंगे पैर ही चलेंगे। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा में कहा, 'शिवराज सिंह चौहान ने ही तो कहा था कि मध्य प्रदेश की सड़कें वॉशिंगटन से अच्छी है।'

कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, 'अब जिनकी 18 वर्ष से प्रदेश में सरकार, वो खुद इस सच्चाई को स्वीकार रहे है कि राजधानी की सड़कों की यह हालत तो पूरे प्रदेश की क्या होगी…? खुद कह रहे है कि “हम अकर्मण्य क्यों है…ये कौन के पास है रोड…” मामाजी, आप तो बस सड़कों पर चलना शुरू कर दे, सारी वास्तविकता आपको दिख जायेगी।'