बेटी की भावुक अपील के बावजूद नाकाफ़ी रही मदद, ब्लैक फ़ंगस से पीड़ित पिता ने अस्पताल में तोड़ा दम

ग्वालियर निवासी रेनू शर्मा ने पिता के ब्लैक फंगस के इलाज के लिए सोशल मीडिया पर लगाई थी गुहार, मदद के लिए सोनू सूद और प्रदेश सरकार ने बढ़ाया था हाथ, बावजूद इसके बच्ची के सिर से उठा पिता का साया, मंगलवार को हुई मौत

Updated: Jun 01, 2021, 07:56 PM IST

बेटी की भावुक अपील के बावजूद नाकाफ़ी रही मदद, ब्लैक फ़ंगस से पीड़ित पिता ने अस्पताल में तोड़ा दम
Photo courtesy: Bhaskar

ग्वालियर। कहते हैं इंसान अपनों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करता है। ऐसी ही कोशिश ग्वालियर निवासी 19 साल की एक बेटी ने भी की। ब्लैक फंगस से पीड़ित पिता को बचाने के लिए उसने भांजियों का मामा होने का दावा करने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह और कोरोना काल में लोगों की जिंदगी बचाने वाले मसीहा सोनू सूद तक से गुहार लगाई। लेकिन वह अपने पिता को नहीं बचा सकी। क्रूर ब्लैक फंसग ने बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा हमेशा के लिए छीन लिया। मंगलवार सुबह रेनू के पिता ने सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली।

दरअसल ग्वालियर के डीडी नगर निवासी रेनू शर्मा के पिता राजकुमार शर्मा कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए थे। वे ट्रैक्टर एजेंसी चलाते थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट 27 अप्रैल पॉजिटिव आई थी। वे कोरोना से ठीक भी हो गए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद ही वे ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए। जिसके बाद उन्हें 15 मई को ग्वालियर के अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया। ब्लैक फंगस का संक्रमण ठीक करने के लिए करीब 100 लिपोसोमल एमफोटेरेसिन बी-50 MG इंजेक्शन की जरूरत थी।

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राजकुमार की बेटी ने किसी तरह 20 इंजेक्शन्स का इंतजाम किया, लेकिन बाकी 80 इंजेक्शन नहीं मिल रहे थे। 19 साल की बच्ची अपने पिता को हर हाल में बचाना चाहती थी, उसने हर संभव कोशिश की जिससे उसके पिता की जान बच सके। पिता में ब्लैक फंगस का संक्रमण बढ़ता जा रहा था। इस बीच उनकी एक आंख और जबड़ा निकाल दिया गया। लेकिन इंजेक्शन नहीं मिलने की वजह से जान को खतरा था। रेनू ने जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और सोनू सूद से भी मदद मांगी।

सप्ताह भर पहले 25 मई को बच्ची ने एक मार्मिक वीडियो बनाकर लोगों से लिपोसोमल एमफोटेरेसिन बी-50 MG इंजेक्शन की गुहार की। बच्ची का वीडियो वायरल होने पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्मन सिंह और ग्वालियर कलेक्टर ने मदद की। वहीं सोनू सूद भी उसकी मदद के लिए आगे आए। जितनी भी मदद मिली बावजूद इसके बच्ची के पिता की मौत हो गई।

वीडियो वायरल होने के ठीक हफ्ते भर बाद बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया। बच्ची का कहना है कि जितने भी इंजेक्शन उसके पिता को लगे थे उनसे उनकी हालत में काफी सुधार हुआ था। लेकिन दो दिन पहले दोबारा बुखार आया और वे सीरियस होते चले गए मंगलवार सुबह उनकी मौत हो गई।