आज की भारत जोड़ो यात्रा नारी शक्ति के नाम, आधी आबादी की समस्याओं से रूबरू हुए राहुल गांधी

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में दिखा नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व, राहुल ने आज सिर्फ महिलाओं की समस्या को सुना, ग्रामीण महिलाओं ने बताया उज्ज्वला योजना की हकीकत

Updated: Dec 02, 2022, 05:53 PM IST

आज की भारत जोड़ो यात्रा नारी शक्ति के नाम, आधी आबादी की समस्याओं से रूबरू हुए राहुल गांधी

आगर। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश के आगर जिले से गुजर रही है। शुक्रवार को एमपी में यात्रा का दसवां दिन बेहद खास रहा। दरअसल, आज की भारत जोड़ो यात्रा नारी शक्ति के नाम समर्पित था। इस दौरान राहुल गांधी के साथ 90 फीसदी महिलाएं ही कदमताल करती नजर आईं। राहुल पूरे दिन आधी आबादी की समस्याओं से रूबरू हुए।

भारत जोड़ो यात्रा शुक्रवार सुबह करीब छह बजे उज्जैन के बाहरी इलाके झालार गांव से शुरू हुई। सुबह मार्च के दौरान राहुल गांधी के साथ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, नेत्री शोभा ओझा, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी अमृता राय समेत प्रदेशभर से आईं महिला जनप्रतिनिधि और ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।

राहुल गांधी पूरे यात्रा के दौरान नारी शक्ति से बातचीत करते दिखे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में महिलाओं की बदहाली, महिला अत्याचार, महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अपराध व अन्य मुद्दों पर बातचीत की। ग्रामीण महिलाओं ने राहुल गांधी को उज्ज्वला योजना, शौचालयों का निर्माण, पक्का घर, मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का हकीकत बताया।

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महिलाओं ने मोदी सरकार की बहुप्रचारित उज्ज्वला योजना की वस्तुस्थिति से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिकांश घरों में सिलेंडर खाली पड़े हुए हैं। सरकार ने सिलेंडर देकर दाम तीन गुना बढ़ा दिया, नतीजतन गृहणी महिलाओं को आज भी पारंपरिक चूल्हों पर ही खाना बनाना पड़ रहा है।

बता दें कि इससे पहले 19 नवंबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर भी भारत जोड़ो यात्रा में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व देखने को मिला था। उस दिन भी राहुल के साथ अधिकांश महिलाएं हीं कदमताल करती नजर आईं थीं। बताया जा रहा है कि आगे भी बीच-बीच में कोई दिन नारी शक्ति के नाम किया जाएगा। इसके माध्यम से कांग्रेस महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ यह संदेश देना चाहती है कि इस यात्रा में महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।

हालांकि, कांग्रेस की इस यात्रा में शामिल भारत यात्रियों में से एक तिहाई से अधिक महिलाएं पहले से पैदल चल रही हैं। शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक रूप से 3,570 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए प्रतिबद्ध, महिलाओं ने एक बड़े मिशन के लिए अपने परिवार को 150 दिनों के लिए छोड़कर शिरकत कर रही हैं। ये 35 महिलाएं कश्मीर तक पैदल यात्रा कर रही हैं। यह इस यात्रा का एक बेहद सकारात्मक पहलू है।

जानकारों के मुताबिक वोटिंग के लिहाज से भी इस यात्रा से महिलाओं के बीच कांग्रेस की पैठ गहरी हो रही है। मौजूदा दौर में देश में अब महिलाएं अपने मत का प्रयोग चुनावों के दौरान बढ़ चढ़कर कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर अगर हम बंगाल, बिहार, गोवा, मणिपुर, मेघालय, केरल और अरुणाचल प्रदेश के चुनावों पर ध्यान दें, तो पाएंगे कि यहां महिला मतदाताओं की संख्या, पुरुष मतदाताओं से अधिक रहती है। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी यही ट्रेंड देखने को मिले हैं और 68 में से 42 सीटों पर महिलाओं ने पुरुष के ज्यादा वोटिंग की है।