MP की बेटियों की इज्जत और बेटों की जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे: शराब नीति पर बरसीं उमा भारती

मध्य प्रदेश में लगातार शराबबंदी की मांग कर रही हैं उमा भारती, इधर शिवराज सरकार ने शराब सस्ती कर दी है, नई नीति को लेकर उमा भारती ने कहा मैं शर्मिंदा हूं

Updated: Apr 02, 2022, 10:59 AM IST

MP की बेटियों की इज्जत और बेटों की जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे: शराब नीति पर बरसीं उमा भारती

भोपाल। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी की मांग को लेकर मोर्चा खोल रखा है। इधर शिवराज सरकार ने नई शराब नीति लागू कर राज्य में शराब को पहले से ज्यादा सुलभ और कीमतों में कमी कर दिया है। नई शराब नीति को लेकर एक बार फिर उमा भारती ने ट्वीट कर कहा कि मैं शर्मिंदा हूं।

उन्होंने कहा कि, 'शनिवार से चैत्र की नवरात्रि है यह नौ दिन नारी शक्ति की पूजा का पर्व है। शुक्रवार से हमने मध्य प्रदेश में नई शराब नीति लागू की है इसमें लोगों को ज्यादा शराब कैसे पिलाई जा सके, अहातों में ज्यादा शराब कैसे परोसी जा सके इस व्यवस्था को निश्चित किया है। मध्यप्रदेश में जिसका सर्वत्र नारी शक्ति द्वारा विरोध हो रहा है।'

उमा भारती लिखती हैं कि, 'छत्तीसगढ़ एवं दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी की राज्य की इकाइयां इसी प्रकार की शराब की नीति के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं। मैं मध्य प्रदेश की महिलाओं एवं बेटियों के साथ हूं, शराब खोरी के शिकार हो गए बेटों के लिए भी चिंतित हूं, उनकी इज्जत एवं जान पर खेलकर हम राजस्व कमा रहे हैं इस पर शर्मिंदा भी हूं।'

उमा भारती के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि, 'उमा जी फ़ायर तो कर रही हैं लेकिन खाली कारतूस से! केवल धमाका होता है लेकिन गोली का असर नहीं होता।' बता दें कि उमा भारती शुक्रवार शाम सुरेंद्र लैंड मार्क मार्केट पहुंचीं। यहां व्यापारी और आमजन शराब दुकान खुलने का विरोध जता रहे हैं। इन्होंने उमा भारती से मुलाकात कर ठेका हटाने की बात कही थी। उमा भारती ने लोगों को आश्वासन दिया कि वे दुकान को शिफ्ट कराएंगी। 

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हाल ही में उमा भारती ने भोपाल के बरखेड़ा पठानी क्षेत्र के आजाद नगर में शराब दुकान को निशाना बनाया था। यहां शराब दुकान पर वह पहुंची थीं और दुकान में घुसकर पत्थर से बोतलें तोड़ दी थीं। बाद में इसपर उन्होंने कहा कि, 'मैं तो ऐसी ही प्रतिक्रिया देती हूं। चाहे गौमाता पर अत्याचार हो या महिलाओं पर अत्याचार। वह तो अच्छा हुआ कि शराब की बोतलें थीं, लेकिन महिलाओं का अपमान यदि कोई पुरुष भी करेगा, तो मैं उसका भी सिर फोड़ दूंगी।’