Prashant Bhushan: बीजेपी और आरएसएस ने खड़ा किया था अन्ना आंदोलन

Anna Hazare Andolan 2011: प्रशांत भूषण ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि 'बीजेपी ने न सिर्फ अन्ना आंदोलन को समर्थन दिया था बल्कि उसे खड़ा किया

Updated: Sep 13, 2020 10:54 PM IST

Prashant Bhushan: बीजेपी और आरएसएस ने खड़ा किया था अन्ना आंदोलन
Photo Courtesy : Wikipedia

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि कांग्रेस के दौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ चला अन्ना आंदोलन बीजेपी और आरएसएस के द्वारा खड़ा किया गया था। पूर्व आप नेता प्रशांत भूषण ने इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए बताया है कि 'बीजेपी ने कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने और खुद में सत्ता पर काबिज़ होने के लिए न सिर्फ अन्ना आंदोलन को पुरज़ोर समर्थन दिया था बल्कि यह आंदोलन बीजेपी द्वारा खड़ा किया गया था।' भूषण ने कहा है कि अन्ना हज़ारे आंदोलन में बीजेपी और आरएसएस की संलिप्तता से पूर्ण रूप से अनभिज्ञ थे।

प्रशांत भूषण ने अपने पूर्व सहयोगी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर भी निशाना साधा है। प्रशांत भूषण ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल को यह पता था कि इस आंदोलन में बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हाथ है। भूषण ने अरविन्द केजरीवाल को लेकर कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले तक मुझे अरविन्द केजरीवाल की तानशाही पूर्ण सोच के बारे में पता नहीं था। लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद एक एक कर के अरविन्द केजरीवाल के सारे राज सामने आ गए।  

अन्ना हजारे को बीजेपी और आरएसएस ने मोहरा बनाया: दिग्विजय सिंह 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा है कि बीजेपी, आरएसएस और अरविन्द केजरीवाल ने भोले भाले अन्ना हजारे को मोहरा बना दिया।  दिग्विजय सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर प्रशांत भूषण का साक्षात्कार साझा करते हुए कहा है 'एक बार फिर मैंने जो कहा था वह सही निकला। जब मैं यह कहता था सब मेरा मखौल उड़ाते थे। भोले भाले अन्ना हजारे जी को मोहरा बना कर भाजपा, आरएसएस और केजरीवाल जी ने उन्हें बाद में पूछा तक नहीं। भ्रष्टाचार रोकने में लोकपाल कितनी ताकतवर संस्था साबित होती है देखते हैं।'

ग़ौरतलब है कि जन लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर 5 अप्रैल 2011 को समाजसेवी अन्ना हजारे के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर अनशन के साथ जन आंदोलन शुरू हुआ था। इसमें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरविंद केजरीवाल, पूर्व आईपीएस किरण बेदी, प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण, योगगुरु बाबा रामदेव आदि शामिल थे।