उदयपुर में 13 से 15 मई तक कांग्रेस का चिंतन शिविर, किसानों के मुद्दे पर रिपोर्ट बनाने के लिए कमेटी गठित

मेवाड़ से होगा कांग्रेस का उदय, उदयपुर में चिंतन शिविर, 400 नेता होंगे शामिल, किसान एवं खेती के मुद्दे पर कमेटी गठित, मध्य प्रदेश से अरुण यादव को बनाया गया कमेटी का मेंबर

Updated: Apr 25, 2022, 11:46 AM IST

उदयपुर में 13 से 15 मई तक कांग्रेस का चिंतन शिविर, किसानों के मुद्दे पर रिपोर्ट बनाने के लिए कमेटी गठित

नई दिल्ली। राजस्थान में प्रस्तावित कांग्रेस चिंतन शिविर को लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस पार्टी का चिंतन शिविर 13-15 मई को उदयपुर यानी मेवाड़ में होने जा रहा है। लगभग 9 साल बाद राजस्थान में कांग्रेस का राष्ट्रीय चिंतन शिविर होगा और इस दौरान सभी मुख्य मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। किसान और खेती के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने एक 9 सदस्यीय कमेटी गठित किया है।

दिग्गज नेता व हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस कमेटी का कन्वेनर बनाया गया है। मध्य प्रदेश से पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को इस कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी के अन्य सदस्यों में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव, गुजरात कांग्रेस के नेता व राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, पंजाब में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, यूपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय लल्लू, अखिलेश प्रताप सिंह और गीता कोरा का नाम शामिल है। 

यह कमेटी कृषि संबंधित मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी और चिंतन शिविर के दौरान विमर्श का नेतृत्व करेगी। बता दें कि उदयपुर में होने जा रहे इस चिंतन शिविर में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। इस चिंतन शिविर में कांग्रेस के सभी सांसदों और विधायकों को बुलाया गया है। साथ ही पार्टी के पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है। करीब 400 लोग इसमें हिस्सा लेंगे।

माना जा रहा है कि चिंतन शिविर में मिशन 2024 के लिए कांग्रेस के एक्शन प्लान के बारे में सभी को जानकारी दी जाएगी। शिविर में यह चर्चा किया जाएगा कि आगामी चुनावों में किस तरह बीजेपी को घेरना है और कांग्रेस को वापस सत्ता तक पहुंचाना है। उदयपुर में चिंतन शिविर कराए जाने के पीछे एक वजह यह भी माना जा रहा है कि इस साल नवंबर में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। उदयपुर गुजरात से सटा हुआ है। ऐसे में उदयपुर में पार्टी के तमाम शीर्ष नेताओं के जुटने का असर गुजरात कांग्रेस के नेताओं कार्यकर्ताओं में भी रहेगा।